CG News: शिक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा किस तरह से शिक्षा व्यवस्था को दागदार किया जा रहा है इसकी पोल खुल गई है। स्कूल शिक्षा विभाग को सत्र 2022-23 से लेकर जनवरी 2026 तक 44 अधिकारियों पर अनियमित्ता, भ्रष्टाचार, गबन, घूसखोरी के संबंध में 33 शिकायतें मिली। लेकिन विभाग को दागदार करने का उच्च पदों पर बैठे अधिकारी आज तक 17 केसों में जांच अधिकारी ही नियुक्त नहीं कर पाए है।
इसमें चार साल पुराना मामला भी शामिल है। यह जानकारी विधानसभा में कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश के सवाल के लिखित उत्तर मंत्री गजेन्द्र यादव ने दी है। लिखित जवाब के मुताबिक 33 शिकायतों में तो चार केस की रिपोर्ट तो दे दी गई है लेकिन कार्रवाई के नाम पर सब शून्य है। अनियमित्ता के आरोपी को भी चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। विभाग के द्वारा जांच नाम मात्र किया जा रहा है।
CG News: 2022-23 में सबसे ज्यादा 13 मामले
लिखित जवाब के मुताबिक सत्र 2025-26 में तीन मामलों की शिकायतें पात्र हुई थी लेकिन अभी तक इन शिकायतों की कार्रवाई आगे ही नहीं बढ़ाई गई है और न ही इन शिकायतों में अब तक कोई जांच अधिकारी नियुक्त किए गए है। ऐसे ही सत्र 2024-25 में 7 में से केवल एक में ही जांच पूरी की गई है।
उसमें भी आरोप अधिरोपित होने के बाद भी कार्यवाही कुछ भी नहीं किया गया है। सत्र 2023-24 में 10 मामले सामने आए जिनमें 6 की जांच के लिए अधिकारी नहीं नियुक्त किए गए है। 2022-23 में सबसे ज्यादा 13 मामले सामने आए थे। लेकिन चार में जांच पूरी की गई है। लेकिन कार्यवाही किसी पर नहीं की गई है।
CG News: राजधानी के डीईओ पर भी अनियमित्ता की शिकायत
राजधानी रायपुर के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय पर भी आरोप लगे है। इसके साथ ही इनसे पहले रहे जिला शिक्षा अधिकारी विजय खंडेलवाल और आरएल ठाकुर की शिकायत हुई है। शिकायत सत्र 2024-25 में मान्यता संबंधी घोटाला की शिकायत अनियमित्ता और मान्यता प्राप्त स्कूलों से संबंधित शिकायत अनियमित्ता है। इन शिकायतों के जांच के लिए अभी तक कोई भी अधिकारी गठित नहीं किया गया है।


