Demographic : एक अरसे से घटती आबादी और बुढ़ापे की ओर तेजी से बढ़ती जनसंख्या के संकट (Population Crisis) से जूझ रहे दक्षिण कोरिया (South Korea) के लिए एक बहुत राहत भरी खबर सामने आई है। चार साल के लंबे इंतजार के बाद देश की जन्म दर में 0.8% की वृद्धि दर्ज (Birth Rate Increase) की गई है। यह कोई मामूली इजाफा नहीं है, बल्कि 2010 के बाद यानि पिछले 15 सालों में यह विकास की सबसे तेज गति है। लगातार दूसरे साल जन्म दर (Total Fertility Rate) में आए इस उछाल से डेमोग्राफिक विशेषज्ञ भी हैरान हो गए हैं। दक्षिण कोरिया के सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से जारी शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल देश में कुल 2,54,500 बच्चों ने जन्म लिया। यह आंकड़ा 2024 की तुलना में 6.8 प्रतिशत (करीब 16,100 बच्चे) ज्यादा है। सबसे खास बात यह है कि ‘कुल प्रजनन दर’ (Total Fertility Rate) यानि एक महिला से उसके जीवनकाल में पैदा होने वाले बच्चों की औसत संख्या बढ़ कर 0.8 हो गई है। यह पिछले साल के मुकाबले 0.05 अधिक है। चार बरसों में यह पहला मौका है (Demographic Shift), जब यह दर इस अहम सीमा को पार कर पाई है। अगस्त में इसके अंतिम और विस्तृत आंकड़े जारी किए जाएंगे।
आखिर क्यों बढ़ने लगी बच्चों की संख्या ? (Birth Rate Increase)
मंत्रालय के अधिकारी पार्क ह्यून-जेओंग के मुताबिक, नवजात शिशुओं की संख्या में इस तेजी के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं। पहला- विवाहों की संख्या में अचानक आई तेजी और दूसरा- 30 साल की उम्र वाली महिलाओं की आबादी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जो मां बनने की प्रमुख उम्र मानी जाती है। दरअसल, कोविड-19 महामारी के दौरान जिन जोड़ों ने अपनी शादियां टाल दी थीं, अब वे शादी के बंधन में बंध रहे हैं। इसका असर यह हुआ कि अप्रैल 2024 से लेकर पिछले साल दिसंबर तक, लगातार 21 महीनों तक विवाहों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई।
अब बदल रही है समाज की सोच (Out of Wedlock)
दक्षिण कोरियाई समाज में बच्चों को लेकर एक बड़ा वैचारिक बदलाव भी आ रहा है। 2024 के सर्वे बताते हैं कि अब ज्यादा कपल्स शादी के बाद बच्चा पैदा करने की इच्छा जता रहे हैं। इतना ही नहीं, जो लोग बिना शादी के बच्चे को जन्म देना चाहते हैं, उनके अनुपात में भी वृद्धि हुई है, जो एक रूढ़िवादी समाज के लिए बड़ा बदलाव है।
मौतों का आंकड़ा अब भी चुनौती (Population Crisis)
इस सकारात्मक खबर के बीच एक चिंताजनक पहलू भी है। 2025 में मौतों की संख्या में 1.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह आंकड़ा 3,63,400 तक पहुंच गया। जन्म लेने वालों की तुलना में मरने वालों की संख्या अधिक होने के कारण, कुल आबादी में 1,10,000 की प्राकृतिक गिरावट भी दर्ज की गई है। हालांकि, विशेषज्ञों को उम्मीद है कि जन्म दर इस साल 0.8 के पार रहेगी और 2031 तक यह आबादी 1 के जादुई आंकड़े को छू लेगी। ( इनपुट: ANI)


