समस्तीपुर रेलवे मंडल के मुजफ्फरपुर स्टेशन यार्ड में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए माइक्रो टनलिंग कार्य की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस परियोजना के माध्यम से यार्ड में एकत्रित बारिश जल को सुरक्षित रूप से बड़े नाले में प्रवाहित किया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या का दीर्घकालिक समाधान संभव होगा। बता दें कि पहले इस परियोजना की मॉनिटरिंग सोनपुर मंडल की ओर से की जाती थी। अब ये डायरेक्टली समस्तीपुर मंडल द्वारा मॉनिटर की जाएगी। समस्तीपुर मंडल में डीआरएम की अध्यक्षता में हुई बैठक समस्तीपुर रेलवे मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुधवार को आयोजित की गई। बैठक में पूर्व मध्य रेल मुख्यालय से प्रमुख मुख्य इंजीनियर शैलेश वर्मा और मुख्य परियोजना प्रबंधक/RLDA (रेल भूमि विकास प्राधिकरण)/पटना आलोक कुमार झा उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि परियोजना को तकनीकी रूप से सुदृढ़ एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से देश के जाने-माने आर्किटेक्ट व प्रतिष्ठित कंस्ट्रक्शन एजेंसियों से भी तकनीकी मार्गदर्शन लिया जाएगा, ताकि कार्य आधुनिक मानकों के अनुरूप संपन्न हो सके। बनेगी नई ड्रेनेज योजना बैठक में यह निर्णय लिया गया कि माइक्रो टनलिंग कार्य रेलवे की सिग्नल व अन्य केबलों के नीचे से अत्यंत सावधानीपूर्वक किया जाएगा, जिससे किसी प्रकार की क्षति न हो और केबल प्रणाली पूर्णतः सुरक्षित रहे। मौके पर आरएलडीए के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मुजफ्फरपुर नगर निगम की मौजूदा ड्रेनेज योजना और संरेखण (Alignment) को ध्यान में रखते हुए नई समन्वित ड्रेनेज योजना तैयार करें, ताकि शहर एवं रेलवे क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था आपस में संतुलित और प्रभावी हो सके। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि माइक्रो टनलिंग पद्धति के लागू होने से मुजफ्फरपुर स्टेशन यार्ड में मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा। इस अत्याधुनिक तकनीक से जल निकासी प्रणाली अधिक वैज्ञानिक एवं टिकाऊ बनेगी, जिससे परिचालन सुगमता और यात्रियों की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि परियोजना की विस्तृत अंतिम योजना (Final Plan) मार्च 2026 तक तैयार कर ली जाएगी, जिसके उपरांत चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वयन प्रारंभ किया जाएगा। समस्तीपुर रेलवे मंडल के मुजफ्फरपुर स्टेशन यार्ड में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए माइक्रो टनलिंग कार्य की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस परियोजना के माध्यम से यार्ड में एकत्रित बारिश जल को सुरक्षित रूप से बड़े नाले में प्रवाहित किया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या का दीर्घकालिक समाधान संभव होगा। बता दें कि पहले इस परियोजना की मॉनिटरिंग सोनपुर मंडल की ओर से की जाती थी। अब ये डायरेक्टली समस्तीपुर मंडल द्वारा मॉनिटर की जाएगी। समस्तीपुर मंडल में डीआरएम की अध्यक्षता में हुई बैठक समस्तीपुर रेलवे मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुधवार को आयोजित की गई। बैठक में पूर्व मध्य रेल मुख्यालय से प्रमुख मुख्य इंजीनियर शैलेश वर्मा और मुख्य परियोजना प्रबंधक/RLDA (रेल भूमि विकास प्राधिकरण)/पटना आलोक कुमार झा उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि परियोजना को तकनीकी रूप से सुदृढ़ एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से देश के जाने-माने आर्किटेक्ट व प्रतिष्ठित कंस्ट्रक्शन एजेंसियों से भी तकनीकी मार्गदर्शन लिया जाएगा, ताकि कार्य आधुनिक मानकों के अनुरूप संपन्न हो सके। बनेगी नई ड्रेनेज योजना बैठक में यह निर्णय लिया गया कि माइक्रो टनलिंग कार्य रेलवे की सिग्नल व अन्य केबलों के नीचे से अत्यंत सावधानीपूर्वक किया जाएगा, जिससे किसी प्रकार की क्षति न हो और केबल प्रणाली पूर्णतः सुरक्षित रहे। मौके पर आरएलडीए के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मुजफ्फरपुर नगर निगम की मौजूदा ड्रेनेज योजना और संरेखण (Alignment) को ध्यान में रखते हुए नई समन्वित ड्रेनेज योजना तैयार करें, ताकि शहर एवं रेलवे क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था आपस में संतुलित और प्रभावी हो सके। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि माइक्रो टनलिंग पद्धति के लागू होने से मुजफ्फरपुर स्टेशन यार्ड में मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा। इस अत्याधुनिक तकनीक से जल निकासी प्रणाली अधिक वैज्ञानिक एवं टिकाऊ बनेगी, जिससे परिचालन सुगमता और यात्रियों की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि परियोजना की विस्तृत अंतिम योजना (Final Plan) मार्च 2026 तक तैयार कर ली जाएगी, जिसके उपरांत चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वयन प्रारंभ किया जाएगा।


