झोपड़ी पर पलटा हाइवा, 2 बच्ची की मौत:औरंगाबाद में मेटेरियल गिराते समय हादसा; एक घंटे बाद जेसीबी से शव को निकाला

झोपड़ी पर पलटा हाइवा, 2 बच्ची की मौत:औरंगाबाद में मेटेरियल गिराते समय हादसा; एक घंटे बाद जेसीबी से शव को निकाला

औरंगाबाद में आज दो मासूम सगी बहनों की मौत हो गई। सड़क निर्माण में लगा एक हाइवा के बेकाबू होकर झोपड़ी पर पलट गया। जिसमें दोनों बच्चियां उसके नीचे दब गईं। घटना अंबा थाना क्षेत्र के गंगतुआ गांव के पास भटकुर मोड़ की है। मृतकों की पहचान प्रियंका उर्फ रिद्धि (6 ) और प्रीति उर्फ सिद्धि (3 ) के रूप में हुई है। दोनों रामपुर गांव निवासी उदय यादव की बेटी थीं। उदय यादव ने पशुओं को रखने और खेती-बारी के कार्य के लिए सड़क किनारे एक झोपड़ी बना रखी थी। दोपहर में दोनों बहनें उसी झोपड़ी में सो रही थीं। इसी दौरान डुमरी से भटकुर मोड़ तक चल रहे सड़क निर्माण काम में मैटेरियल ढो रहा हाइवा मैटेरियल गिराने के क्रम में अचानक एक किनारे से सड़क धंसने के कारण असंतुलित होकर झोपड़ी पर पलट गया। पलक झपकते ही झोपड़ी मलबे में तब्दील हो गई और दोनों बच्चियां हाइवा के नीचे दब गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भटकुर मोड़ से डुमरा तक सड़क निर्माण का काम कराया जा रहा है। सड़क निर्माण कार्य के लिए हाइवा से गिट्टी लाया जा रहा है। निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों नेरा झोपड़ी के बगल में ही आधा गिट्टी गिराने को कहा गया। हालांकि कम जगह होने का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने यहां मटेरियल गिराने से मना किया था। इसके बावजूद भी हाइवा चालक और निर्माण एजेंसी के कर्मी नहीं मानें और वहीं पर सामान गिराने लगे। एक घंटे बाद जेसीबी से हटाया हाइवा हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। हाइवा पलटते देख आसपास के ग्रामीण दौड़े और बच्चियों को निकालने की कोशिश करने लगे, लेकिन भारी वाहन के नीचे दबे होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। लगभग एक घंटे बाद निर्माण काम में लगे जेसीबी की मदद से हाइवा को हटाया गया। तब तक दोनों मासूमों की सांसें थम चुकी थीं। घटना की सूचना मिलते ही अंबा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने हाइवा को कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। परिजनों को मुआवजा दिलाए जाने की मांग मौके पर पहुंचे पूर्व मुखिया अर्जुन पासवान सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और हाइवा चालक व निर्माण एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना पर जिप सदस्य सुरेंद्र यादव, पैक्स अध्यक्ष हरेंद्र कुमार सिंह, अभिजीत कुमार सिंह और मनमोहन सिंह भी पहुंचे और प्रशासन से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। बाद में बीडीओ प्रियांशु बसु और सीओ चंद्र प्रकाश घटनास्थल पर पहुंचे तथा परिजनों को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि उदय यादव मेहनत-मजदूरी और खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी निशा (10 वर्ष) अक्सर बीमार रहती है, जबकि प्रियंका प्राथमिक विद्यालय गंगतुआ की पहली कक्षा की छात्रा थी। औरंगाबाद में आज दो मासूम सगी बहनों की मौत हो गई। सड़क निर्माण में लगा एक हाइवा के बेकाबू होकर झोपड़ी पर पलट गया। जिसमें दोनों बच्चियां उसके नीचे दब गईं। घटना अंबा थाना क्षेत्र के गंगतुआ गांव के पास भटकुर मोड़ की है। मृतकों की पहचान प्रियंका उर्फ रिद्धि (6 ) और प्रीति उर्फ सिद्धि (3 ) के रूप में हुई है। दोनों रामपुर गांव निवासी उदय यादव की बेटी थीं। उदय यादव ने पशुओं को रखने और खेती-बारी के कार्य के लिए सड़क किनारे एक झोपड़ी बना रखी थी। दोपहर में दोनों बहनें उसी झोपड़ी में सो रही थीं। इसी दौरान डुमरी से भटकुर मोड़ तक चल रहे सड़क निर्माण काम में मैटेरियल ढो रहा हाइवा मैटेरियल गिराने के क्रम में अचानक एक किनारे से सड़क धंसने के कारण असंतुलित होकर झोपड़ी पर पलट गया। पलक झपकते ही झोपड़ी मलबे में तब्दील हो गई और दोनों बच्चियां हाइवा के नीचे दब गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भटकुर मोड़ से डुमरा तक सड़क निर्माण का काम कराया जा रहा है। सड़क निर्माण कार्य के लिए हाइवा से गिट्टी लाया जा रहा है। निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों नेरा झोपड़ी के बगल में ही आधा गिट्टी गिराने को कहा गया। हालांकि कम जगह होने का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने यहां मटेरियल गिराने से मना किया था। इसके बावजूद भी हाइवा चालक और निर्माण एजेंसी के कर्मी नहीं मानें और वहीं पर सामान गिराने लगे। एक घंटे बाद जेसीबी से हटाया हाइवा हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। हाइवा पलटते देख आसपास के ग्रामीण दौड़े और बच्चियों को निकालने की कोशिश करने लगे, लेकिन भारी वाहन के नीचे दबे होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। लगभग एक घंटे बाद निर्माण काम में लगे जेसीबी की मदद से हाइवा को हटाया गया। तब तक दोनों मासूमों की सांसें थम चुकी थीं। घटना की सूचना मिलते ही अंबा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने हाइवा को कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। परिजनों को मुआवजा दिलाए जाने की मांग मौके पर पहुंचे पूर्व मुखिया अर्जुन पासवान सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और हाइवा चालक व निर्माण एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना पर जिप सदस्य सुरेंद्र यादव, पैक्स अध्यक्ष हरेंद्र कुमार सिंह, अभिजीत कुमार सिंह और मनमोहन सिंह भी पहुंचे और प्रशासन से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। बाद में बीडीओ प्रियांशु बसु और सीओ चंद्र प्रकाश घटनास्थल पर पहुंचे तथा परिजनों को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि उदय यादव मेहनत-मजदूरी और खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी निशा (10 वर्ष) अक्सर बीमार रहती है, जबकि प्रियंका प्राथमिक विद्यालय गंगतुआ की पहली कक्षा की छात्रा थी।  

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