शेखपुरा में ट्यूटर को 20 साल की सजा:नाबालिग से रेप में दोषी करार, 50-50 हजार जुर्माना और 2-2 लाख मुआवजा, POCSO कोर्ट का फैसला

शेखपुरा में ट्यूटर को 20 साल की सजा:नाबालिग से रेप में दोषी करार, 50-50 हजार जुर्माना और 2-2 लाख मुआवजा, POCSO कोर्ट का फैसला

शेखपुरा में पोक्सो मामलों के विशेष न्यायाधीश कुमार अविनाश ने बुधवार को नाबालिग बालिकाओं के यौन शोषण मामले में एक ट्यूटर को 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई। दोषी ट्यूटर गौतम केसरी पर 50-50 हजार रुपये का दो अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अतिरिक्त, घटना की पीड़ित दोनों बालिकाओं को सरकारी मुआवजे के तौर पर दो-दो लाख रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है। दोषी द्वारा जमा किया गया अर्थदंड भी पीड़िताओं को ही दिया जाएगा। दोषी ट्यूटर गौतम केसरी नगर क्षेत्र के महारानी स्थान निवासी राजेंद्र प्रसाद के पुत्र हैं। गौतम केसरी पर आरोप था कि वह ट्यूशन पढ़ाने के दौरान नाबालिग बालिकाओं के साथ अनैतिक यौन हरकतें करते थे। न्यायालय के समक्ष कुल सात गवाह प्रस्तुत किए
उनकी हरकतें घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गईं, जिसके बाद नाबालिग बालिकाओं के माता-पिता ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गौतम केसरी को गिरफ्तार किया और अनुसंधान पूरा कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। वह घटना के दिन से ही जेल में बंद हैं। पोक्सो मामलों की विशेष लोक अभियोजक नैला बेगम ने बताया कि यह घटना 4 नवंबर 2022 की है। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष कुल सात गवाह प्रस्तुत किए, जिनमें पुलिस अधिकारी, चिकित्सक और बालिकाओं के परिजन शामिल थे। लंबी सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी को भारतीय दंड विधान की धारा 376 एबी (12 साल से कम आयु के साथ दुष्कर्म) और पोक्सो अधिनियम की धारा 6 (गंभीर प्रकृति के यौनाचार) के तहत दोषी पाया। उसे दोनों अधिनियमों के तहत सजा सुनाई गई। शेखपुरा में पोक्सो मामलों के विशेष न्यायाधीश कुमार अविनाश ने बुधवार को नाबालिग बालिकाओं के यौन शोषण मामले में एक ट्यूटर को 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई। दोषी ट्यूटर गौतम केसरी पर 50-50 हजार रुपये का दो अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अतिरिक्त, घटना की पीड़ित दोनों बालिकाओं को सरकारी मुआवजे के तौर पर दो-दो लाख रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है। दोषी द्वारा जमा किया गया अर्थदंड भी पीड़िताओं को ही दिया जाएगा। दोषी ट्यूटर गौतम केसरी नगर क्षेत्र के महारानी स्थान निवासी राजेंद्र प्रसाद के पुत्र हैं। गौतम केसरी पर आरोप था कि वह ट्यूशन पढ़ाने के दौरान नाबालिग बालिकाओं के साथ अनैतिक यौन हरकतें करते थे। न्यायालय के समक्ष कुल सात गवाह प्रस्तुत किए
उनकी हरकतें घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गईं, जिसके बाद नाबालिग बालिकाओं के माता-पिता ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गौतम केसरी को गिरफ्तार किया और अनुसंधान पूरा कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। वह घटना के दिन से ही जेल में बंद हैं। पोक्सो मामलों की विशेष लोक अभियोजक नैला बेगम ने बताया कि यह घटना 4 नवंबर 2022 की है। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष कुल सात गवाह प्रस्तुत किए, जिनमें पुलिस अधिकारी, चिकित्सक और बालिकाओं के परिजन शामिल थे। लंबी सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी को भारतीय दंड विधान की धारा 376 एबी (12 साल से कम आयु के साथ दुष्कर्म) और पोक्सो अधिनियम की धारा 6 (गंभीर प्रकृति के यौनाचार) के तहत दोषी पाया। उसे दोनों अधिनियमों के तहत सजा सुनाई गई।  

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