जमुई में भारतीय मजदूर संघ ने बुधवार को कचहरी चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए श्रमिक प्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाते हुए जिलाधिकारी को एक मांग-पत्र सौंपा, जिसमें श्रमिक हितों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की गई। मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री को भेजा धरना को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश बीड़ी मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री परमेश्वर यादव ने बताया कि संगठन की मांगों से संबंधित ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी भेजा गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यह धरना 6 से 8 फरवरी तक पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित अखिल भारतीय अधिवेशन में लिए गए निर्णयों के समर्थन में किया गया है। इस अधिवेशन में देशभर से लगभग 2500 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। आंगनबाड़ी कर्मियों को कर्मचारी का दर्जा देना की मांग धरना के दौरान श्रमिक नेताओं ने कई प्रमुख मांगें उठाईं। इनमें सभी श्रमिकों पर श्रम कानूनों का सार्वभौमिक लागू होना, ठेका प्रथा में सुधार, आंगनबाड़ी कर्मियों को कर्मचारी का दर्जा देना, पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, अष्टम वेतन आयोग की रिपोर्ट का अनुमोदन, ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये तथा ईएसआईसी की अर्हता सीमा 42,000 रुपये करना शामिल है। इस कार्यक्रम में परमेश्वर प्रसाद यादव और दशरथ प्रसाद सहित बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे। श्रमिक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जमुई में भारतीय मजदूर संघ ने बुधवार को कचहरी चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए श्रमिक प्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाते हुए जिलाधिकारी को एक मांग-पत्र सौंपा, जिसमें श्रमिक हितों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की गई। मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री को भेजा धरना को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश बीड़ी मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री परमेश्वर यादव ने बताया कि संगठन की मांगों से संबंधित ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी भेजा गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यह धरना 6 से 8 फरवरी तक पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित अखिल भारतीय अधिवेशन में लिए गए निर्णयों के समर्थन में किया गया है। इस अधिवेशन में देशभर से लगभग 2500 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। आंगनबाड़ी कर्मियों को कर्मचारी का दर्जा देना की मांग धरना के दौरान श्रमिक नेताओं ने कई प्रमुख मांगें उठाईं। इनमें सभी श्रमिकों पर श्रम कानूनों का सार्वभौमिक लागू होना, ठेका प्रथा में सुधार, आंगनबाड़ी कर्मियों को कर्मचारी का दर्जा देना, पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, अष्टम वेतन आयोग की रिपोर्ट का अनुमोदन, ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये तथा ईएसआईसी की अर्हता सीमा 42,000 रुपये करना शामिल है। इस कार्यक्रम में परमेश्वर प्रसाद यादव और दशरथ प्रसाद सहित बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे। श्रमिक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


