अररिया के बौसी थाना क्षेत्र में गंभीर रूप से घायल मिले एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने प्रेम प्रसंग के चलते पिटाई का आरोप लगाया है। युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उसे रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। अमर BA पार्ट-2 का छात्र था, माता-पिता का इकलौता बेटा मृतक की पहचान नरपतगंज थाना क्षेत्र के डुमरिया वार्ड संख्या 12 निवासी संजय दास के 18 वर्षीय पुत्र अमर कुमार दास के रूप में हुई है। अमर बीए पार्ट-2 का छात्र था और अपने माता-पिता का इकलौता बेटा तथा तीन बहनों का इकलौता भाई था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे अमर अपने मामा से एक हजार रुपये लेकर फारबिसगंज कॉलेज के लिए निकला था। शाम होते-होते उसकी हालत बिगड़ने की सूचना मिली। जानकारी के अनुसार, अमर बौसी थाना क्षेत्र के एक गांव में अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा था। वहां प्रेमिका के परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसे देख लिया। उन्होंने अमर को घेरकर जमकर पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय थाना पुलिस ने उसे तुरंत रानीगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया, जहां से बेहतर इलाज के लिए अररिया सदर अस्पताल रेफर किया गया। अररिया सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए पूर्णिया रेफर कर दिया। पूर्णिया में भी स्थिति गंभीर बनी रहने पर उसे भागलपुर रेफर किया गया, लेकिन भागलपुर ले जाते समय रास्ते में ही अमर कुमार दास की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा घटना की सूचना मिलने पर नरपतगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृत युवक के परिजनों से जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल अररिया भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। परिजन शव को लेकर अपने पैतृक गांव डुमरिया पहुंचे, जहां शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में जमा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही नरपतगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अररिया सदर अस्पताल भेज दिया। मामा बोले-जीजा के फोन पर सूचना मिली बुधवार दोपहर करीब 12 बजे शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा था। मृतक के मामा शंकर दास ने घटना को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार रात 8 बजे उनके जीजा के फोन पर सूचना मिली कि अमर गंभीर हालत में रानीगंज रेफरल अस्पताल में भर्ती है। जब उन्होंने जांच की तो बौसी थाना के एक अधिकारी ने बताया कि युवक संश्लेषण अवस्था में मिला है। परिजन रानीगंज के लिए निकले, लेकिन बीच में ही सूचना मिली कि पेशेंट को अररिया सदर अस्पताल लाया गया है। अस्पताल पहुंचकर उन्होंने देखा कि अमर की हालत बेहद खराब थी, ऐसा लग रहा था जैसे वह मर चुका हो। डॉक्टरों ने आगे ले जाने की सलाह दी। भांजे को पीट-पीटकर मौत के घाट उतारा पूर्णिया होते हुए भागलपुर जाते समय रास्ते में मौत हो गई। शंकर दास ने आरोप लगाया कि उनके भांजे को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। प्रेम प्रसंग के बारे में पूछने पर उन्होंने सीधे इनकार किया, लेकिन बताया कि फोन करने वाले ने कहा था कि मामला लड़का-लड़की से जुड़ा है। वहीं मामले को लेकर बौसी थाना अध्यक्ष कुंदन कुमार ने बताया कि लड़का लड़की का मामला था। उसी में लड़का यहां आया था मिलने के लिए। इस दौरान लड़की के परिजन व आसपास के लोगों के द्वारा मारपीट की गई थी। फिलहाल परिजनों के द्वारा आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अररिया के बौसी थाना क्षेत्र में गंभीर रूप से घायल मिले एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने प्रेम प्रसंग के चलते पिटाई का आरोप लगाया है। युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उसे रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। अमर BA पार्ट-2 का छात्र था, माता-पिता का इकलौता बेटा मृतक की पहचान नरपतगंज थाना क्षेत्र के डुमरिया वार्ड संख्या 12 निवासी संजय दास के 18 वर्षीय पुत्र अमर कुमार दास के रूप में हुई है। अमर बीए पार्ट-2 का छात्र था और अपने माता-पिता का इकलौता बेटा तथा तीन बहनों का इकलौता भाई था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे अमर अपने मामा से एक हजार रुपये लेकर फारबिसगंज कॉलेज के लिए निकला था। शाम होते-होते उसकी हालत बिगड़ने की सूचना मिली। जानकारी के अनुसार, अमर बौसी थाना क्षेत्र के एक गांव में अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा था। वहां प्रेमिका के परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसे देख लिया। उन्होंने अमर को घेरकर जमकर पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय थाना पुलिस ने उसे तुरंत रानीगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया, जहां से बेहतर इलाज के लिए अररिया सदर अस्पताल रेफर किया गया। अररिया सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए पूर्णिया रेफर कर दिया। पूर्णिया में भी स्थिति गंभीर बनी रहने पर उसे भागलपुर रेफर किया गया, लेकिन भागलपुर ले जाते समय रास्ते में ही अमर कुमार दास की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा घटना की सूचना मिलने पर नरपतगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृत युवक के परिजनों से जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल अररिया भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। परिजन शव को लेकर अपने पैतृक गांव डुमरिया पहुंचे, जहां शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में जमा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही नरपतगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अररिया सदर अस्पताल भेज दिया। मामा बोले-जीजा के फोन पर सूचना मिली बुधवार दोपहर करीब 12 बजे शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा था। मृतक के मामा शंकर दास ने घटना को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार रात 8 बजे उनके जीजा के फोन पर सूचना मिली कि अमर गंभीर हालत में रानीगंज रेफरल अस्पताल में भर्ती है। जब उन्होंने जांच की तो बौसी थाना के एक अधिकारी ने बताया कि युवक संश्लेषण अवस्था में मिला है। परिजन रानीगंज के लिए निकले, लेकिन बीच में ही सूचना मिली कि पेशेंट को अररिया सदर अस्पताल लाया गया है। अस्पताल पहुंचकर उन्होंने देखा कि अमर की हालत बेहद खराब थी, ऐसा लग रहा था जैसे वह मर चुका हो। डॉक्टरों ने आगे ले जाने की सलाह दी। भांजे को पीट-पीटकर मौत के घाट उतारा पूर्णिया होते हुए भागलपुर जाते समय रास्ते में मौत हो गई। शंकर दास ने आरोप लगाया कि उनके भांजे को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। प्रेम प्रसंग के बारे में पूछने पर उन्होंने सीधे इनकार किया, लेकिन बताया कि फोन करने वाले ने कहा था कि मामला लड़का-लड़की से जुड़ा है। वहीं मामले को लेकर बौसी थाना अध्यक्ष कुंदन कुमार ने बताया कि लड़का लड़की का मामला था। उसी में लड़का यहां आया था मिलने के लिए। इस दौरान लड़की के परिजन व आसपास के लोगों के द्वारा मारपीट की गई थी। फिलहाल परिजनों के द्वारा आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


