प्रतापगढ़ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के खिलाफ दर्ज एफआईआर तथा कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। डॉ. नीरज त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य और उनके शिष्यों को स्नान करने से रोका गया तथा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ बटुकों की चोटी खींचकर उन्हें अपमानित किया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। त्रिपाठी ने शंकराचार्य, उनके शिष्यों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को एकतरफा, दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित बताया। 4 तस्वीरें देखिए… कांग्रेस सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम शंकर द्विवेदी ने इस कार्रवाई को भारतीय संविधान की मूल भावना के विपरीत बताया। उन्होंने अनुच्छेद 25 और 26 का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक कार्यों के संचालन का मौलिक अधिकार प्राप्त है। कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष विजय शंकर त्रिपाठी ने इस मामले को केवल एक धार्मिक पदाधिकारी से जुड़ा न बताकर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा से संबंधित बताया। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।


