उन्नाव में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक शोक कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने ओमकार सिंह यादव के परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने शंकराचार्य प्रकरण और एफआईआर के मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने बताया – ओमकार सिंह यादव के पिता डॉ. गंगा सागर यादव ने एयरफोर्स में रहकर देश की सेवा की थी। उनके निधन से परिवार को गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ओमकार सिंह यादव गोरखपुर में मदन मोहन मालवीय के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय के पहले कुलपति (वाइस चांसलर) रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उत्तराखंड की एक यूनिवर्सिटी में भी कुलपति का पद संभाला है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज एफआईआर और ‘हिंदुत्व खतरे में है’ वाले बयान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य का पद अत्यंत पूजनीय है और उसका सम्मान बनाए रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार विरोधियों की आवाज दबाने के लिए कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक दबाव का इस्तेमाल करती है। अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ चैनल बीजेपी समर्थक हैं। जो भी सरकार के खिलाफ बोलेगा, उसके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं। उन्होंने त्रिवेणी और गंगा स्नान जैसे धार्मिक स्थलों पर पूज्य शंकराचार्य को स्नान से रोकने को गंभीर विषय बताया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रथ को धक्का देकर हटाया और संतों के साथ दुर्व्यवहार किया। उनके अनुसार, बाद में उपमुख्यमंत्री द्वारा माफी मांगने की बात कही गई, लेकिन इसके बावजूद एफआईआर दर्ज कर दी गई। अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि सनातन परंपरा में शंकराचार्य का स्थान सर्वोच्च और पूजनीय है। इसलिए, उनके सम्मान की रक्षा के लिए सभी को आगे आना चाहिए।


