मुंडेश्वरी मंदिर दान पेटी से मिले 11.49 लाख रुपए:कैमूर में कड़ी सुरक्षा में हुई गिनती, ज्वेलरी भी बैंक लॉकर में जमा

मुंडेश्वरी मंदिर दान पेटी से मिले 11.49 लाख रुपए:कैमूर में कड़ी सुरक्षा में हुई गिनती, ज्वेलरी भी बैंक लॉकर में जमा

कैमूर के विश्व प्रसिद्ध मुंडेश्वरी मंदिर की दान पेटी में जमा चढ़ावे की राशि की गिनती पूरी हो गई है। धार्मिक न्यास समिति को कुल 11 लाख 49 हजार 10 रुपए प्राप्त हुए हैं। दान पेटी से कुछ कीमती आभूषण भी मिले हैं, जिन्हें मुंडेश्वरी बाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक के लॉकर में सुरक्षित जमा कर दिया गया है। संस्था के अकाउंटेंट गोपाल कृष्ण ने बताया कि यह गिनती न्यास के सचिव अशोक कुमार सिंह के निर्देश पर की गई। पूरी प्रक्रिया CCTV की निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। गिनती के दौरान प्रखंड नजारत कार्यालय के नाजिर अनिल कुमार दंडाधिकारी के रूप में मौजूद रहे। प्राप्त राशि को तुरंत न्यास के बैंक खाते में जमा कर दिया गया है। बड़ी संख्या में आते हैं श्रद्धालु दर्शन के लिए मुंडेश्वरी मंदिर बिहार के सबसे प्राचीन देवी मंदिरों में से एक माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और चढ़ावा अर्पित करते हैं। न्यास समिति ने इस राशि का उपयोग मंदिर के रखरखाव, सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न धार्मिक गतिविधियों के लिए करने की योजना बनाई है। कैमूर के विश्व प्रसिद्ध मुंडेश्वरी मंदिर की दान पेटी में जमा चढ़ावे की राशि की गिनती पूरी हो गई है। धार्मिक न्यास समिति को कुल 11 लाख 49 हजार 10 रुपए प्राप्त हुए हैं। दान पेटी से कुछ कीमती आभूषण भी मिले हैं, जिन्हें मुंडेश्वरी बाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक के लॉकर में सुरक्षित जमा कर दिया गया है। संस्था के अकाउंटेंट गोपाल कृष्ण ने बताया कि यह गिनती न्यास के सचिव अशोक कुमार सिंह के निर्देश पर की गई। पूरी प्रक्रिया CCTV की निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। गिनती के दौरान प्रखंड नजारत कार्यालय के नाजिर अनिल कुमार दंडाधिकारी के रूप में मौजूद रहे। प्राप्त राशि को तुरंत न्यास के बैंक खाते में जमा कर दिया गया है। बड़ी संख्या में आते हैं श्रद्धालु दर्शन के लिए मुंडेश्वरी मंदिर बिहार के सबसे प्राचीन देवी मंदिरों में से एक माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और चढ़ावा अर्पित करते हैं। न्यास समिति ने इस राशि का उपयोग मंदिर के रखरखाव, सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न धार्मिक गतिविधियों के लिए करने की योजना बनाई है।  

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