उन्नाव पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए एक पीड़ित के 10 हजार रुपये 24 घंटे के भीतर वापस कराए हैं। यह मामला थाना कोतवाली सदर क्षेत्र के एबी नगर निवासी प्रतीक सिंह से जुड़ा है, जो साइबर ठगी का शिकार हुए थे। पीड़ित प्रतीक सिंह, जो ‘आशा जन सेवा केंद्र’ का संचालन करते हैं, ने बताया कि उनके केंद्र पर एक युवक आया था। युवक ने 10 हजार रुपये नकद मांगे और कहा कि वह 10,100 रुपये की एनईएफटी (NEFT) कर रहा है, जो दो घंटे में खाते में आ जाएगी। प्रतीक ने विश्वास करके उसे नकद राशि दे दी। आरोपी युवक दो दिनों तक फोन पर पैसे आने का आश्वासन देता रहा, लेकिन रकम खाते में नहीं पहुंची। तीसरे दिन जब प्रतीक सिंह को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने तत्काल थाना कोतवाली सदर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्रतीक सिंह के अनुसार, थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लिया और स्वयं आरोपी से फोन पर बात की। पुलिस की सख्ती के बाद, ठगी गई 10 हजार रुपये की पूरी रकम 24 घंटे के भीतर प्रतीक सिंह के खाते में वापस आ गई। प्रतीक सिंह ने एक वीडियो बयान में पुलिस कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा, “थाना प्रभारी जी ने खुद कॉल किया और पूछा कि पैसे रिफंड क्यों नहीं कर रहे हो। उसके बाद मेरा पैसा वापस हो गया। मैं उनका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।” पुलिस ने बताया कि इस मामले में तकनीकी जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया। संबंधित व्यक्ति पर निगरानी रखते हुए धनराशि वापस कराई गई। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्र, अपराध निरीक्षक राजेश यादव और महिला आरक्षी सोनिया शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लेनदेन में अत्यधिक सतर्कता बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दिखाए गए स्क्रीनशॉट या भुगतान के झूठे झांसे में न आएं। यदि साइबर ठगी की आशंका हो, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।


