जोधपुर/जयपुर: राजस्थान से गुजरने वाली तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन में बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। दरअसल, जोधपुर सांसद और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पश्चिमी राजस्थान के यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। शेखावत ने मंडोर एक्सप्रेस के मेंटेनेंस संबंधी दिक्कतों को दूर करने के साथ-साथ इसका विस्तार उत्तराखंड के हरिद्वार तक करने का आग्रह किया है, जिससे प्रदेश के लाखों श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा।
मंडोर एक्सप्रेस का हो हरिद्वार तक विस्तार
गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि उत्तराखंड के हरिद्वार, श्री केदारनाथ और श्री बद्रीनाथ जैसे धार्मिक स्थलों पर राजस्थान से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जाते हैं।
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: मंडोर एक्सप्रेस (22995/22996) को हरिद्वार तक बढ़ाने से राजस्थान और उत्तराखंड के बीच न केवल धार्मिक बल्कि पर्यटन के रिश्तों को भी नई मजबूती मिलेगी।
- सीधी कनेक्टिविटी: वर्तमान में पश्चिमी राजस्थान के यात्रियों को हरिद्वार जाने के लिए कई बार ट्रेनें बदलनी पड़ती हैं, मंडोर एक्सप्रेस का विस्तार इस समस्या को जड़ से खत्म कर देगा।
साबरमती एक्सप्रेस का हो जैसलमेर तक विस्तार
शेखावत ने साबरमती एक्सप्रेस (20485/20486) को लेकर भी एक व्यवहारिक सुझाव दिया है।
- पोकरण मार्ग से विस्तार: उन्होंने साबरमती एक्सप्रेस को पोकरण के रास्ते जैसलमेर तक बढ़ाने की मांग की है।
- मेंटेनेंस लोड का समाधान: वर्तमान में इस ट्रेन का मेंटेनेंस जोधपुर में होता है। यदि इसे जैसलमेर तक बढ़ा दिया जाता है, तो जैसलमेर स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग किया जा सकेगा, जिससे जोधपुर स्टेशन पर मेंटेनेंस का दबाव कम होगा।
आश्रम-मंडोर की ‘शेयर्ड रैक’ का हो समाधान
मंत्री शेखावत ने रेल मंत्री का ध्यान एक तकनीकी दिक्कत की ओर भी खींचा है। वर्तमान में आश्रम एक्सप्रेस (12915/12916) और मंडोर एक्सप्रेस एक ही रैक साझा करती हैं।
- ऑपरेशनल चुनौतियां: साझा रैक व्यवस्था के कारण मंडोर एक्सप्रेस के मेंटेनेंस और टर्नअराउंड शेड्यूल (वापसी की तैयारी) में काफी व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं।
- स्थायी समाधान की मांग: शेखावत ने इस व्यवस्था को बदलकर एक टिकाऊ समाधान निकालने की अपील की है ताकि यात्रियों को देरी या असुविधा का सामना न करना पड़े।
पश्चिमी राजस्थान के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव?
जोधपुर और आसपास के जिलों के लिए मंडोर एक्सप्रेस जीवनरेखा (Lifeline) मानी जाती है। साबरमती एक्सप्रेस के विस्तार से जैसलमेर और पोकरण जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी, जिसका सीधा फायदा स्थानीय व्यापार और पर्यटन को मिलेगा।
रेल मंत्री से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद
गजेंद्र सिंह शेखावत ने विश्वास जताया है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इन सुझावों पर संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ विचार करेंगे。 यह पत्र राजस्थान के उन हजारों यात्रियों की उम्मीदों को नया पंख देने वाला है जो लंबे समय से सीधी और सुविधाजनक रेल सेवाओं की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


