SBI आशियाना नगर पर 60 हजार का जुर्माना:दस्तावेज न लौटाने पर उपभोक्ता आयोग का फैसला, 60 दिनों में 60,000 देने का आदेश

SBI आशियाना नगर पर 60 हजार का जुर्माना:दस्तावेज न लौटाने पर उपभोक्ता आयोग का फैसला, 60 दिनों में 60,000 देने का आदेश

बक्सर जिला उपभोक्ता आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की आशियाना नगर, पटना शाखा पर 60,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना सेवा में कमी पाए जाने के कारण लगाया गया है। आयोग ने मंगलवार को यह आदेश सुनाया। जिसमें स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित 60 दिनों में राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो बैंक को 8 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ पूरी रकम अदा करनी होगी। 2002 में लिया था 3 लाख का लोन परिवादी कृष्ण सिंह, जो बक्सर में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, ने वर्ष 2002 में SBI की आशियाना नगर शाखा से तीन लाख रुपए का ऋण लिया था। ऋण स्वीकृति के समय उन्होंने अपनी जमीन के मूल दस्तावेज, रसीदें और अन्य आवश्यक कागजात बैंक के पास गिरवी रखे थे। उनके अधिवक्ता अशोक कुमार पांडेय के अनुसार, कृष्ण सिंह ने वर्ष 2010 तक बैंक के नियमों के अनुरूप संपूर्ण ऋण राशि का भुगतान कर दिया था। परेशान होकर उपभोक्ता आयोग में वाद किया दायर ऋण चुकता होने के बाद कृष्ण सिंह ने बैंक से अपने जमीन के मूल दस्तावेज वापस करने के लिए कई बार अनुरोध किया। उन्होंने शाखा स्तर से लेकर बैंक के वरीय अधिकारियों तक पत्राचार किया, लेकिन उन्हें दस्तावेज वापस नहीं किए गए। लंबे समय तक दस्तावेज न मिलने के कारण परेशान होकर उन्होंने बक्सर जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके बाद आयोग ने बैंक को सेवा में कमी का दोषी पाया। अपने आदेश में, आयोग के अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह ने बैंक को निर्देश दिया कि वह परिवादी को जमीन के सभी मूल दस्तावेज तत्काल लौटाए। 8 प्रतिशत ब्याज के साथ चुकाना होगा लोन साथ ही, बैंक को 50,000 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपए वाद खर्च के रूप में, कुल 60,000 रुपए 60 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया गया। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बैंक निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं करता है, तो उसे 8 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ पूरी राशि चुकानी होगी। इस निर्णय को उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बक्सर जिला उपभोक्ता आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की आशियाना नगर, पटना शाखा पर 60,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना सेवा में कमी पाए जाने के कारण लगाया गया है। आयोग ने मंगलवार को यह आदेश सुनाया। जिसमें स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित 60 दिनों में राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो बैंक को 8 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ पूरी रकम अदा करनी होगी। 2002 में लिया था 3 लाख का लोन परिवादी कृष्ण सिंह, जो बक्सर में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, ने वर्ष 2002 में SBI की आशियाना नगर शाखा से तीन लाख रुपए का ऋण लिया था। ऋण स्वीकृति के समय उन्होंने अपनी जमीन के मूल दस्तावेज, रसीदें और अन्य आवश्यक कागजात बैंक के पास गिरवी रखे थे। उनके अधिवक्ता अशोक कुमार पांडेय के अनुसार, कृष्ण सिंह ने वर्ष 2010 तक बैंक के नियमों के अनुरूप संपूर्ण ऋण राशि का भुगतान कर दिया था। परेशान होकर उपभोक्ता आयोग में वाद किया दायर ऋण चुकता होने के बाद कृष्ण सिंह ने बैंक से अपने जमीन के मूल दस्तावेज वापस करने के लिए कई बार अनुरोध किया। उन्होंने शाखा स्तर से लेकर बैंक के वरीय अधिकारियों तक पत्राचार किया, लेकिन उन्हें दस्तावेज वापस नहीं किए गए। लंबे समय तक दस्तावेज न मिलने के कारण परेशान होकर उन्होंने बक्सर जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके बाद आयोग ने बैंक को सेवा में कमी का दोषी पाया। अपने आदेश में, आयोग के अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह ने बैंक को निर्देश दिया कि वह परिवादी को जमीन के सभी मूल दस्तावेज तत्काल लौटाए। 8 प्रतिशत ब्याज के साथ चुकाना होगा लोन साथ ही, बैंक को 50,000 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपए वाद खर्च के रूप में, कुल 60,000 रुपए 60 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया गया। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बैंक निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं करता है, तो उसे 8 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ पूरी राशि चुकानी होगी। इस निर्णय को उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।  

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