परिवार के पास जॉब मिलने से पहले ही स्वराज को दूर ले गई मौत

परिवार के पास जॉब मिलने से पहले ही स्वराज को दूर ले गई मौत

भास्कर न्यूज | अमृतसर एयर एंबुलेंस क्रैश में जान गंवाने वाले पायलट स्वराजदीप सिंह अपने कॉलेज के टॉपर थे और बचपन से ही पायलट बनने का सपना था। स्वराजदीप का सपना पूरा हुआ और 7 महीने पहले एक निजी विमानन कंपनी में बतौर पायलट दिल्ली में जॉब लग गई। 31 साल के स्वराजदीप की डेढ़ साल पहले शादी हुई थी और 4 माह का एक बेटा है। घर में बेटा पैदा होने के बाद स्वराजदीप काफी खुश थे। वह श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर स्थित कुछ निजी एयरलाइंस कंपनियों के साथ संपर्क कर रहे थे ताकि यहीं पर नौकरी मिल जाए और अपने परिवार के साथ रह सकें, लेकिन मौत उन्हें पहले ही दूर ले गई। स्वराजदीप की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ ही टूट पड़ा। पिता अमरीक सिंह और मां कंचन के अलावा पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। रिश्तेदार उन्हें सांत्वना देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन खुद भी स्वराजदीप को याद कर फूट-फूट कर रो रहे थे। स्वराजदीप के पिता अमरीक सिंह सुल्तानविंड रोड स्थित चौड़ा बाजार गोबिंद नगर में मनियारी की दुकान चलाते हैं। बेटे के बारे में बताते हुए उनकी आंखें न सिर्फ नम हो गई बल्कि फूट फूट कर रो पड़े। उन्होंने बताया कि बेटे ने पहले एक निजी स्कूल से पढ़ाई की और अच्छे मार्क्स लाकर हिंदू कॉलेज से नॉन मेडिकल की पढ़ाई पूरी की। इतना ही नहीं, वह अपने कॉलेज का टॉपर भी रहा है। पायलट बनने की चाह में स्वराजदीप सिंह ने अमृतसर, दिल्ली, रांची, पंचकूला में एक निजी कंपनी से ट्रेनिंग ली और करीब 7 माह पहले उसे उसी कंपनी में जॉब मिल गई। अमरीक सिंह के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पहले स्वराजदीप सिंह की शादी हुई थी और 4 महीने पहले बेटे उदयप्रताप सिंह ने जन्म लिया। बेटे के जन्म के बाद स्वराजदीप सिंह अमृतसर में परिवार के साथ रहना चाहता था। इसीलिए उसने अमृतसर एयरपोर्ट से संचालित एयरलाइंस के साथ संपर्क भी किया था। लेकिन इससे पहले कि वह अमृतसर में जॉब कर पाता, उसकी एयर एंबुलेंस क्रैश में मौत हो गई। अमरीक सिंह का कहना है कि यदि किसी की जेब से एक रुपया भी गिर जाए तो वह सारा दिन परेशान रहता है, लेकिन अब तो उनका 31 साल का जवान बेटा ही इस दुनिया को अलविदा कह कर उन्हें कभी खत्म न होने वाला दर्द दे गया। स्वराजदीप सिंह की मां कंचन और उसकी पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। दोनों ही रह-रह कर स्वराजदीप सिंह को याद कर फूट फूट कर रो रही थीं। इतना ही नहीं, दोनों की हालत इतनी खराब थी कि मीडिया के सामने आने से उन्होंने साफ मना कर दिया। कैप्टन के रिश्तेदार ने बताया कि उन्हें जानकारी दी गई है कि कैप्टन का पोस्टमार्टम हो चुका है और उसका शव रांची से बुधवार सुबह 11 बजे तक दिल्ली पहुंचेगा। इसके बाद दिल्ली से शव अमृतसर आएगा। शाम को अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। स्वराज का 4 माह का बेटा उदयप्रताप, बेटे के साथ स्वराज का फाइल फोटो। विलाप करते स्वराजदीप के पिता अमरीक सिंह।

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