Tamil Nadu Assembly Elections: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीति पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। चुनाव को लेकर सीट बंटवारे की कवायद तेज हो गई है। सीट बंटवारे की कवायद तेज हो गई है। राज्य में भाजपा ने मंगलवार को औपचारिक रूप से 72 विधानसभा सीटों की सूची अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) को सौंप दी है।
35 पर ‘डायरेक्ट फाइट’ का किया दावा
सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तहत सीधे 30 से 35 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। यह सूची एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रन और केंद्रीय मंत्री व तमिलनाडु के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने चेन्नई में हुई बैठक के दौरान सौंपी।
एनडीए की प्रमुख सहयोगी है AIADMK
तमिलनाडु में एआईएडीएमके, भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की प्रमुख सहयोगी है। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों ने अपने गठबंधन को फिर से मजबूत करने की पुष्टि की है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की ‘विश लिस्ट’ में चेन्नई की प्रमुख शहरी सीटें जैसे थाउजेंड लाइट्स, टी. नगर और वेलाचेरी शामिल हैं। इसके अलावा तिरुवल्लूर जिले की तिरुत्तनी और अवडी, कांचीपुरम, थल्ली, दक्षिण तमिलनाडु की आलंगुलम और तेनकासी जैसी सीटें भी सूची में बताई जा रही हैं।
बीजेपी ने इन सीटों पर दिखाई रुचि
भाजपा ने तिरुवन्नामलाई, सिंगानल्लूर, अरवाकुरिची, पलानी, विलावनकोड और नागरकोइल जैसी सीटों पर भी रुचि दिखाई है, जहां हाल के चुनावों में पार्टी को अपने बढ़ते जनाधार और संगठनात्मक मजबूती के आधार पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 30–35 सीटों की मांग तमिलनाडु में भाजपा की राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पार्टी ने पिछले चुनावों में धीरे-धीरे अपनी उपस्थिति बढ़ाई है।
डीएमके गठबंधन में भी सीट बंटवारे की प्रक्रिया तेज
हालांकि अंतिम सीट बंटवारा एआईएडीएमके नेतृत्व के साथ बातचीत और गठबंधन की व्यापक रणनीति पर निर्भर करेगा। उधर, द्रमुक (डीएमके) के नेतृत्व वाला गठबंधन भी सीट बंटवारे की प्रक्रिया में तेजी ला रहा है। ऐसे में 2026 के हाई-स्टेक्स मुकाबले से पहले आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में जोरदार मोलभाव और रणनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है।


