पुलिस सप्ताह के तीसरे दिन नशा मुक्ति अभियान:गोपालगंज के थावे मंदिर परिसर में नुक्कड़ नाटकों से लोगों को किया जागरूक

पुलिस सप्ताह के तीसरे दिन नशा मुक्ति अभियान:गोपालगंज के थावे मंदिर परिसर में नुक्कड़ नाटकों से लोगों को किया जागरूक

गोपालगंज में पुलिस सप्ताह के तीसरे दिन नशा मुक्ति अभियान चलाया गया। इस दौरान जिले के सभी थाना क्षेत्रों में आमजन को जागरूक किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य अपराध नियंत्रण के साथ-साथ नशे के विरुद्ध जन-आंदोलन खड़ा करना था। अभियान के तहत थावे मंदिर परिसर सहित विभिन्न चौक-चौराहों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया। इन नाटकों में स्थानीय कलाकारों और पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। “नशा एक अभिशाप है” और “स्वस्थ समाज, सुरक्षित भविष्य” जैसे नारे नाटकों के माध्यम से नशे के कारण उजड़ते परिवारों, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों और इसके कानूनी परिणामों को सरलता से प्रदर्शित किया गया। इसमें दिखाया गया कि कैसे एक व्यक्ति की लत पूरे परिवार के भविष्य को अंधकार में धकेल देती है। “नशा एक अभिशाप है” और “स्वस्थ समाज, सुरक्षित भविष्य” जैसे नारों से नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत किया गया। इस अवसर पर गोपालगंज पुलिस के आला अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने जनता से सीधा संवाद किया। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि नशा केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों के प्रलोभन में न आएं पुलिस ने युवाओं से विशेष अपील की कि वे किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों के प्रलोभन में न आएं। साथ ही, अभिभावकों से आग्रह किया गया कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। पुलिस सप्ताह का यह तीसरा दिन दर्शाता है कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज को सुधारने के लिए एक मित्र और मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाती है। पुलिस ने आम लोगों से नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने की अपील की, ताकि जनता और पुलिस के सहयोग से एक सुरक्षित और अपराधमुक्त गोपालगंज का सपना साकार हो सके। गोपालगंज में पुलिस सप्ताह के तीसरे दिन नशा मुक्ति अभियान चलाया गया। इस दौरान जिले के सभी थाना क्षेत्रों में आमजन को जागरूक किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य अपराध नियंत्रण के साथ-साथ नशे के विरुद्ध जन-आंदोलन खड़ा करना था। अभियान के तहत थावे मंदिर परिसर सहित विभिन्न चौक-चौराहों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया। इन नाटकों में स्थानीय कलाकारों और पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। “नशा एक अभिशाप है” और “स्वस्थ समाज, सुरक्षित भविष्य” जैसे नारे नाटकों के माध्यम से नशे के कारण उजड़ते परिवारों, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों और इसके कानूनी परिणामों को सरलता से प्रदर्शित किया गया। इसमें दिखाया गया कि कैसे एक व्यक्ति की लत पूरे परिवार के भविष्य को अंधकार में धकेल देती है। “नशा एक अभिशाप है” और “स्वस्थ समाज, सुरक्षित भविष्य” जैसे नारों से नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत किया गया। इस अवसर पर गोपालगंज पुलिस के आला अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने जनता से सीधा संवाद किया। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि नशा केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों के प्रलोभन में न आएं पुलिस ने युवाओं से विशेष अपील की कि वे किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों के प्रलोभन में न आएं। साथ ही, अभिभावकों से आग्रह किया गया कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। पुलिस सप्ताह का यह तीसरा दिन दर्शाता है कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज को सुधारने के लिए एक मित्र और मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाती है। पुलिस ने आम लोगों से नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने की अपील की, ताकि जनता और पुलिस के सहयोग से एक सुरक्षित और अपराधमुक्त गोपालगंज का सपना साकार हो सके।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *