नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री थोरब्योर्न जगलैंड को कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना पिछले हफ्ते हुई। कुछ खबरों में दावा किया गया कि नॉर्वेजियन एडिटर्स एसोसिएशन ने उनके वकील के साथ मिलकर इस मामले को सार्वजनिक न करने पर सहमति जताई थी। हालांकि कुछ मीडिया प्लेटफॉर्मस पर उनकी गंभीर हालत का हवाला देते हुए यह खबर सामने आई। यह पूरा मामला यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से उनके संबंधों को लेकर चल रही जांच से जुड़ा है। जगलैंड पर ‘एग्रेवेटेड करप्शन’ यानी गंभीर भ्रष्टाचार का भी आरोप है, जिसमें अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है। उनके वकील की फर्म एल्डेन लॉ फर्म ने CNN को पुष्टि की कि उन पर गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप तय हुआ है, लेकिन उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी मामले की जांच कर रही नॉर्वे की आर्थिक अपराध जांच एजेंसी ‘ओकोक्रिम’ इस मामले की जांच कर रही है। एजेंसी के डायरेक्टर पॉल लोनसेथ ने कहा कि उनके खिलाफ जांच की मजबूत वजह मिली है। जांच के तहत ओस्लो स्थित उनके घर और दो अन्य प्रॉपर्टी की तलाशी ली गई। एजेंसी ने यह भी कहा कि वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या उन्हें अपने पद के दौरान गिफ्ट, यात्राएं, कर्ज या अन्य फायदे मिले थे। तलाशी के बाद उन्हें औपचारिक रूप से संदिग्ध का दर्जा दे दिया गया है और अब उनसे पूछताछ की जाएगी। जगलैंड ने कहा था- एपस्टीन से रिश्ता गलत फैसला था जगलैंड 1996-1997 के बीच नॉर्वे के प्रधानमंत्री रहे। इसके अलावा वे विदेश मंत्री, नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के चेयरमैन (2009-2015) और यूरोप की मानवाधिकार संस्था काउंसिल ऑफ यूरोप के महासचिव (2009-2019) भी रह चुके हैं। जगलैंड ने कहा है कि एपस्टीन से उनके संबंध ‘गलत फैसला’ या ‘खराब समझ’ का नतीजा थे, लेकिन उन्होंने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और चाहते हैं कि सच्चाई पूरी तरह सामने आए। कई बार एपस्टीन के घर गए थे जगलैंड अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ से 30 जनवरी को जारी दस्तावेजों से पता चला कि जगलैंड और उनका परिवार कई बार एपस्टीन की पेरिस, न्यूयॉर्क और पाम बीच वाली प्रॉपर्टी पर गए थे। यह भी सामने आया कि एपस्टीन ने उनसे बड़े नेताओं, जैसे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कराने में मदद मांगी थी। साथ ही उसने कुछ अपने कारोबारी और वित्तीय प्लान आगे बढ़ाने के लिए भी मदद चाहता था। दस्तावेजों में जगलैंड को ‘नोबेल बिग शॉट’ कहा गया। इसमें यह भी लिखा था कि दोनों के रिश्ते ऐसे थे जिनमें एक तरफ जगलैंड का रसूख और पहचान काम आ रही थी, तो दूसरी तरफ एपस्टीन उन्हें लग्जरी ट्रिप, तोहफे और दूसरी सुविधाएं दे रहा था। हालांकि जांच एजेंसियों ने साफ कर दिया है कि जगलैंड का नाम एपस्टीन के यौन अपराधों से नहीं जुड़ा है। जांच सिर्फ इस बात पर हो रही है कि क्या उन्हें अपने पद का इस्तेमाल करके कोई गलत फायदा मिला। यह जांच उस समय से जुड़ी है जब जगलैंड 2009 से 2015 तक नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के अध्यक्ष थे और 2009 से 2019 तक काउंसिल ऑफ यूरोप के महासचिव रहे। जांच ठीक से हो सके, इसके लिए उनकी डिप्लोमेटिक छूट हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
दावा- नॉर्वे के पूर्व PM ने आत्महत्या की कोशिश की:एपस्टीन फाइल में नाम आया था; भ्रष्टाचार केस में 10 साल जेल हो सकती है


