शेखपुरा सिविल कोर्ट में मंगलवार को विवाह विच्छेद के लिए आए दो पक्ष रुपयों के लेनदेन को लेकर आपस में भिड़ गए। यह घटना न्यायालय परिसर के भीतर और बाहर हुई, जिसे शांत कराने के लिए सुरक्षाकर्मियों और अधिवक्ताओं को हस्तक्षेप करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, विवाद न्यायालय परिसर के बाहर ही शुरू हो गया था और देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई, जिससे वहां मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में मामला न्यायालय परिसर तक पहुंच गया। तलाक की अर्जी तैयार कराने आए थे
गया जिले के परैया गांव निवासी मनीष कुमार अपनी पत्नी सिम्मी कुमारी रूपा के साथ आपसी सहमति से तलाक के लिए कोर्ट पहुंचे थे। सिम्मी कुमारी रूपा शेखोपुरसराय प्रखंड के निमी गांव की निवासी हैं। दोनों पक्ष अपने अधिवक्ता के पास तलाक की अर्जी तैयार कराने आए थे। बताया गया कि विवाह विच्छेद की शर्तों में रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद बढ़ गया। विवाहिता पक्ष शादी और अन्य खर्चों की वापसी की मांग पर अड़ा था, जबकि दूसरा पक्ष भी अपने खर्चों की भरपाई चाहता था। इसी बात पर दोनों पक्षों ने आपा खो दिया और मारपीट शुरू हो गई। अधिवक्ताओं की पहल पर मामला शांत हुआ
काफी देर तक चले इस हंगामे के बाद न्यायालय परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों और अधिवक्ताओं की पहल पर मामला शांत हुआ। बाद में, दोनों पक्षों ने आपसी सुलह-समझौते के आधार पर फिर से विवाह विच्छेद की अर्जी बनाने का काम शुरू किया। शेखपुरा सिविल कोर्ट में मंगलवार को विवाह विच्छेद के लिए आए दो पक्ष रुपयों के लेनदेन को लेकर आपस में भिड़ गए। यह घटना न्यायालय परिसर के भीतर और बाहर हुई, जिसे शांत कराने के लिए सुरक्षाकर्मियों और अधिवक्ताओं को हस्तक्षेप करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, विवाद न्यायालय परिसर के बाहर ही शुरू हो गया था और देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई, जिससे वहां मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में मामला न्यायालय परिसर तक पहुंच गया। तलाक की अर्जी तैयार कराने आए थे
गया जिले के परैया गांव निवासी मनीष कुमार अपनी पत्नी सिम्मी कुमारी रूपा के साथ आपसी सहमति से तलाक के लिए कोर्ट पहुंचे थे। सिम्मी कुमारी रूपा शेखोपुरसराय प्रखंड के निमी गांव की निवासी हैं। दोनों पक्ष अपने अधिवक्ता के पास तलाक की अर्जी तैयार कराने आए थे। बताया गया कि विवाह विच्छेद की शर्तों में रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद बढ़ गया। विवाहिता पक्ष शादी और अन्य खर्चों की वापसी की मांग पर अड़ा था, जबकि दूसरा पक्ष भी अपने खर्चों की भरपाई चाहता था। इसी बात पर दोनों पक्षों ने आपा खो दिया और मारपीट शुरू हो गई। अधिवक्ताओं की पहल पर मामला शांत हुआ
काफी देर तक चले इस हंगामे के बाद न्यायालय परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों और अधिवक्ताओं की पहल पर मामला शांत हुआ। बाद में, दोनों पक्षों ने आपसी सुलह-समझौते के आधार पर फिर से विवाह विच्छेद की अर्जी बनाने का काम शुरू किया।


