जहानाबाद में बाल विवाह उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जहानाबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में राजकीय आवासीय विद्यालय, धरहरा के प्रांगण में संपन्न हुआ। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव पवन कुमार पांडे ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में पवन कुमार पांडे ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा ही सबसे बड़ी शक्ति है। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने पढ़ाई को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। पांडे ने कहा कि जब बेटियां शिक्षित और आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा स्वतः समाप्त हो सकेगी। कम उम्र में विवाह से शिक्षा बाधित होती उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने माता-पिता पर बोझ नहीं, बल्कि उनका सहारा बनें। इसके लिए उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए, अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और कठिन परिश्रम के बल पर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं, विशेषकर बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। साथ ही, उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी भी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि कम उम्र में विवाह से शिक्षा बाधित होती है और स्वास्थ्य व भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक बालिका को अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए। बाल विवाह के खिलाफ जागरूक रहने का संकल्प लिया विद्यालय की छात्राओं ने कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक सुना और बाल विवाह के खिलाफ जागरूक रहने का संकल्प लिया। उपस्थित शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समय-समय पर होने चाहिए, ताकि बच्चों में जागरूकता बढ़े और वे सही दिशा में आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम के अंत में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि विद्यालय की छात्राएं शिक्षा के माध्यम से सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगी। इस अवसर पर अमथुआ पंचायत के मुखिया मोहम्मद सुद्दू, अधिवक्ता बैद्यनाथ शरण, प्रखंड विकास पदाधिकारी और विद्यालय के प्राचार्य सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। आए हुए अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया। जहानाबाद में बाल विवाह उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जहानाबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में राजकीय आवासीय विद्यालय, धरहरा के प्रांगण में संपन्न हुआ। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव पवन कुमार पांडे ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में पवन कुमार पांडे ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा ही सबसे बड़ी शक्ति है। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने पढ़ाई को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। पांडे ने कहा कि जब बेटियां शिक्षित और आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा स्वतः समाप्त हो सकेगी। कम उम्र में विवाह से शिक्षा बाधित होती उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने माता-पिता पर बोझ नहीं, बल्कि उनका सहारा बनें। इसके लिए उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए, अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और कठिन परिश्रम के बल पर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं, विशेषकर बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। साथ ही, उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी भी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि कम उम्र में विवाह से शिक्षा बाधित होती है और स्वास्थ्य व भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक बालिका को अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए। बाल विवाह के खिलाफ जागरूक रहने का संकल्प लिया विद्यालय की छात्राओं ने कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक सुना और बाल विवाह के खिलाफ जागरूक रहने का संकल्प लिया। उपस्थित शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समय-समय पर होने चाहिए, ताकि बच्चों में जागरूकता बढ़े और वे सही दिशा में आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम के अंत में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि विद्यालय की छात्राएं शिक्षा के माध्यम से सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगी। इस अवसर पर अमथुआ पंचायत के मुखिया मोहम्मद सुद्दू, अधिवक्ता बैद्यनाथ शरण, प्रखंड विकास पदाधिकारी और विद्यालय के प्राचार्य सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। आए हुए अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया।


