एक रुपया भी नहीं लगेगा… इन बच्चों को फ्री में पढ़ाएंगे खान सर; बोले- इस बार पटना से आएगा AIR-1

एक रुपया भी नहीं लगेगा… इन बच्चों को फ्री में पढ़ाएंगे खान सर; बोले- इस बार पटना से आएगा AIR-1

Khan Sir Coaching: देश भर में अपने अनोखे टीचिंग स्टाइल के लिए मशहूर पटना के खान सर एक बार फिर चर्चा में हैं। JEE Mains के रिजल्ट से खुश खान सर ने दावा किया है कि पटना से अब ऑल इंडिया रैंक 1 (AIR 1) वाला इंजीनियरिंग स्टूडेंट निकलेगा। उन्होंने कहा कि उनके इंस्टीट्यूट (KGS) के सिर्फ दूसरे बैच ने वह हासिल किया है जो कई जाने-माने कोचिंग इंस्टीट्यूट सालों से हासिल नहीं कर पाए हैं। खान सर ने दावा किया कि उनके इंस्टीट्यूट ने JEE में शानदार रिजल्ट हासिल किया है, जिसमें बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने बहुत अच्छा परफॉर्म किया है। उन्होंने कहा कि कई जाने-माने कोचिंग इंस्टीट्यूट दो या तीन रिजल्ट को लेकर प्रचार कर रहे हैं, जबकि उनके इंस्टीट्यूट में दर्जनों स्टूडेंट्स ने बहुत अच्छा स्कोर किया है।

IIT के पेपर के दिन सो रहे थे खान सर

अपनी खुशी जाहिर करते हुए खान सर ने कहा, “मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि जिस दिन IIT का पेपर था, मैं सो रहा था और हमारे बच्चों ने मैदान मार लिया।” उन्होंने आगे कहा कि उनके इंस्टीट्यूट से 99 और 98 परसेंटाइल वाले कई स्टूडेंट्स निकले हैं और लगभग 70-75 स्टूडेंट्स ने बहुत अच्छे रिजल्ट हासिल किए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कई जाने-माने कोचिंग इंस्टिट्यूट सिर्फ दो-चार रिजल्ट लेकर घूम रहे हैं, जबकि हमारे यहां रिजल्ट्स की बाढ़ आ गई है।

कोटा के ‘कोचिंग माफिया’ को चुनौती

खान सर ने सीधे कोटा के कोचिंग इंस्टिट्यूट पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोटा के लोग कहते थे कि यहां से कोई रिजल्ट नहीं आएगा, लेकिन हमारे पहले बैच के स्टूडेंट्स IIT खड़गपुर तक पहुंच गए हैं और इस बार तो कोई भी IIT अछूता नहीं रहेगा। उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि कहीं और भटकने की जरूरत नहीं है, बस चुपचाप KGS आ जाओ। इस बार ऑल इंडिया रैंक 1 पटना से आएगा, KGS से आएगा।

टॉपर्स को फ्री में पढ़ाएंगे

हर घर तक पढ़ाई पहुंचाने के अपने मिशन के तहत, खान सर ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने ऐलान किया कि वे हर जिले में रैंक 3 तक के स्टूडेंट्स को फ्री में पढ़ाएंगे। उन छात्रों से एक भी रुपया नहीं लिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यह नहीं देखा जाएगा कि छात्र किस राज्य का है, उन्हें बस जिले का टॉपर और पढ़ाई में अच्छा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अगर किसी जिले के मार्क्स एक जैसे हों, तो टॉप 3 की संख्या बढ़कर 8-10 हो सकती है, इसलिए हर जिले के टॉप स्टूडेंट्स को फायदा होगा।

कमाई का भी दिया हिसाब

अपनी फ़ीस और कमाई के बारे में खान सर ने कहा कि छात्र जो फीस देते हैं उसका एक बड़ा हिस्सा सरकारी टैक्स (GST, इनकम टैक्स और सेस) में चला जाता है। बचा हुआ पैसा ऑपरेटिंग कॉस्ट में जाता है। इसके बाद जो पैसा बचता है हॉस्पिटल को और पब्लिक सर्विस के लिए दान कर दिया जाता है।

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