गयाजी में अग्निवीर सेना भर्ती को लेकर डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन पूरी तरह एक्टिव हो गया है। 5 मार्च से शुरू होने वाली भर्ती प्रक्रिया को सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए आज बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय के सभागार में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में सेना भर्ती निदेशक कर्नल आर मदन मोहन, डीएम शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सहित सेना और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में स्पष्ट किया गया कि 5 मार्च से 20 मार्च तक अग्निपथ योजना के तहत सेना भर्ती का आयोजन मगध विश्वविद्यालय परिसर में किया जाएगा। गया जिला समेत आसपास के जिलों से हजारों अभ्यर्थियों के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सभी विभागों को पहले से तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया है। अभ्यर्थियों की सुविधा को प्राथमिकता दी अभ्यर्थियों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। परिसर और आसपास पेयजल, अस्थायी शौचालय, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। नगर निगम को विशेष सफाई अभियान चलाने और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने का निर्देश मिला है, ताकि सुबह और देर शाम भी किसी तरह की परेशानी न हो। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। परिवहन विभाग को शहर और विश्वविद्यालय क्षेत्र में यातायात सुचारु रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ताकि जाम की स्थिति न बने। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। भर्ती स्थल पर मेडिकल टीम, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था और एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में कराई जाएगी। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय पर पहुंचने, सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी तरह की अफवाह से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भर्ती के दौरान हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। गयाजी में अग्निवीर सेना भर्ती को लेकर डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन पूरी तरह एक्टिव हो गया है। 5 मार्च से शुरू होने वाली भर्ती प्रक्रिया को सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए आज बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय के सभागार में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में सेना भर्ती निदेशक कर्नल आर मदन मोहन, डीएम शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सहित सेना और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में स्पष्ट किया गया कि 5 मार्च से 20 मार्च तक अग्निपथ योजना के तहत सेना भर्ती का आयोजन मगध विश्वविद्यालय परिसर में किया जाएगा। गया जिला समेत आसपास के जिलों से हजारों अभ्यर्थियों के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सभी विभागों को पहले से तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया है। अभ्यर्थियों की सुविधा को प्राथमिकता दी अभ्यर्थियों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। परिसर और आसपास पेयजल, अस्थायी शौचालय, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। नगर निगम को विशेष सफाई अभियान चलाने और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने का निर्देश मिला है, ताकि सुबह और देर शाम भी किसी तरह की परेशानी न हो। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। परिवहन विभाग को शहर और विश्वविद्यालय क्षेत्र में यातायात सुचारु रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ताकि जाम की स्थिति न बने। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। भर्ती स्थल पर मेडिकल टीम, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था और एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में कराई जाएगी। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय पर पहुंचने, सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी तरह की अफवाह से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भर्ती के दौरान हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।


