भागलपुर में आज एक पिलर गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई है। घटना नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत खरीक थाना क्षेत्र के खरीक बाजार की है। खरीक बाजार निवासी सोनी देवी के घर के पास अचानक एक पिलर गिर गया। घटना के समय आसपास खेल रहे दो बच्चे इसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्काल दोनों बच्चों को नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। जहां दोनों बच्चों की जान चली गई है। घर के पास खेलते समय हादसा मृतक बच्चों की पहचान 7 साल की निधि कुमारी और कृष्णा कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि घटना दोपहर करीब साढ़े बारह बजे हुई, जब दोनों बच्चे घर के पास खेल रहे थे। मायागंज अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जर्जर और असुरक्षित निर्माण कार्यों की जांच करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। भागलपुर में आज एक पिलर गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई है। घटना नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत खरीक थाना क्षेत्र के खरीक बाजार की है। खरीक बाजार निवासी सोनी देवी के घर के पास अचानक एक पिलर गिर गया। घटना के समय आसपास खेल रहे दो बच्चे इसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्काल दोनों बच्चों को नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। जहां दोनों बच्चों की जान चली गई है। घर के पास खेलते समय हादसा मृतक बच्चों की पहचान 7 साल की निधि कुमारी और कृष्णा कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि घटना दोपहर करीब साढ़े बारह बजे हुई, जब दोनों बच्चे घर के पास खेल रहे थे। मायागंज अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जर्जर और असुरक्षित निर्माण कार्यों की जांच करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


