औरंगाबाद में स्कूल के पास बह रहा नाले का पानी:खेल मैदान में भी अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से समाधान की मांग उठाई

औरंगाबाद में स्कूल के पास बह रहा नाले का पानी:खेल मैदान में भी अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से समाधान की मांग उठाई

औरंगाबाद जिले में आकांक्षी प्रखंड के रूप में चयनित कुटुंबा को उत्कृष्ट विकास कार्यों के लिए पीएम अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस की दौड़ में शामिल किया गया है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। प्रखंड की कई पंचायतों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। गली-नाली, सड़क और जलनिकासी जैसी मूलभूत समस्याएं ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। ग्राम पंचायत पिपरा बगाही स्थित प्राथमिक विद्यालय रतनुआ की स्थिति बेहद चिंताजनक है। विद्यालय तक पहुंचने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही समुचित जलनिकासी की व्यवस्था। गांव की नालियों का गंदा पानी स्कूल के खेल मैदान से होकर बहता है, जिससे मैदान में हमेशा जलजमाव की स्थिति बनी रहती है। गंदे पानी से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। स्कूल के खेल मैदान में भी अतिक्रमण ग्रामीण भोला कुमार चौहान ने बताया कि स्कूल जाने वाले बच्चे और शिक्षक रोजाना नाली के गंदे पानी से होकर गुजरने को विवश हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब मैदान पूरी तरह कीचड़ और बदबू से भर जाता है। ऐसे माहौल में बच्चों का पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। गांव के ही रोहित और राजा कुमार ने बताया कि स्कूल के खेल मैदान का कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण भी किया जा रहा है। अगर समय रहते मैदान की घेराबंदी नहीं की गई तो बच्चों के खेलने की एकमात्र जगह भी समाप्त हो सकती है। खेल मैदान बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह मैदान गंदे पानी का ठिकाना बन चुका है। नाली निर्माण और जल निकासी का प्रबंध किए जाने की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द समुचित नाली निर्माण और जलनिकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि विद्यालय परिसर को गंदगी से मुक्त किया जा सके। उनका कहना है कि वे समस्या के समाधान के लिए प्रशासन के साथ बैठकर बातचीत करने को तैयार है। जरूरत है तो सिर्फ पहल और संवेदनशीलता की, ताकि विकास के दावों के बीच बच्चों का भविष्य गंदे पानी में न बह जाए। उचित कार्रवाई का मिला आश्वासन बीडीओ प्रियांशु बसु ने बताया कि इस मामसे को लेकर ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त हुआ है मामले की जांच पड़ताल कर उचित कार्रवाई की जाएगी। पानी निकासी की व्यवस्था की जाएगी. औरंगाबाद जिले में आकांक्षी प्रखंड के रूप में चयनित कुटुंबा को उत्कृष्ट विकास कार्यों के लिए पीएम अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस की दौड़ में शामिल किया गया है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। प्रखंड की कई पंचायतों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। गली-नाली, सड़क और जलनिकासी जैसी मूलभूत समस्याएं ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। ग्राम पंचायत पिपरा बगाही स्थित प्राथमिक विद्यालय रतनुआ की स्थिति बेहद चिंताजनक है। विद्यालय तक पहुंचने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही समुचित जलनिकासी की व्यवस्था। गांव की नालियों का गंदा पानी स्कूल के खेल मैदान से होकर बहता है, जिससे मैदान में हमेशा जलजमाव की स्थिति बनी रहती है। गंदे पानी से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। स्कूल के खेल मैदान में भी अतिक्रमण ग्रामीण भोला कुमार चौहान ने बताया कि स्कूल जाने वाले बच्चे और शिक्षक रोजाना नाली के गंदे पानी से होकर गुजरने को विवश हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब मैदान पूरी तरह कीचड़ और बदबू से भर जाता है। ऐसे माहौल में बच्चों का पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। गांव के ही रोहित और राजा कुमार ने बताया कि स्कूल के खेल मैदान का कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण भी किया जा रहा है। अगर समय रहते मैदान की घेराबंदी नहीं की गई तो बच्चों के खेलने की एकमात्र जगह भी समाप्त हो सकती है। खेल मैदान बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह मैदान गंदे पानी का ठिकाना बन चुका है। नाली निर्माण और जल निकासी का प्रबंध किए जाने की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द समुचित नाली निर्माण और जलनिकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि विद्यालय परिसर को गंदगी से मुक्त किया जा सके। उनका कहना है कि वे समस्या के समाधान के लिए प्रशासन के साथ बैठकर बातचीत करने को तैयार है। जरूरत है तो सिर्फ पहल और संवेदनशीलता की, ताकि विकास के दावों के बीच बच्चों का भविष्य गंदे पानी में न बह जाए। उचित कार्रवाई का मिला आश्वासन बीडीओ प्रियांशु बसु ने बताया कि इस मामसे को लेकर ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त हुआ है मामले की जांच पड़ताल कर उचित कार्रवाई की जाएगी। पानी निकासी की व्यवस्था की जाएगी.  

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