पीलीभीत में भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन के मामले में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अवर अभियंता (JE) मनोज कुमार सुमन का डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) और विभिन्न नगर पंचायतों से संबद्धीकरण तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। जेई सुमन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। मनोज कुमार सुमन, जो पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-1 के अवर अभियंता थे, अपने मूल विभाग के अतिरिक्त जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), नगर पंचायत कलीनगर और नगर पंचायत नौगवां पकड़िया का कार्यभार भी देख रहे थे। जिलाधिकारी को इस संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायत में बताया गया कि तत्कालीन एडीएम (वित्त एवं राजस्व) ऋतु पूनिया ने 6 अक्टूबर 2025 को जेई सुमन को नगर पंचायत नौगवां पकड़िया से संबद्ध किया था। आरोप है कि इस दौरान उनके पुराने भ्रष्टाचार के मामलों को छिपाया गया। इससे पूर्व, तत्कालीन एडीएम राम सिंह गौतम की जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर पूर्व डीएम संजय कुमार सिंह ने उन्हें पद से हटा दिया था। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि जेई का यह संबद्धीकरण उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेशों और स्थानीय निकाय निदेशालय के आदेशों का सीधा उल्लंघन था। नियमानुसार, यदि निकट की नगर पालिका में केंद्रीयित सेवा का जेई तैनात हो, तो रिक्त पदों का प्रभार उसे दिया जाना चाहिए। नौगवां पकड़िया से मात्र 5 किलोमीटर दूर नगर पालिका परिषद में जेई सत्येंद्र नाथ तैनात थे, इसके बावजूद मनोज कुमार सुमन को प्रभार सौंपा गया। पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह से की गई थी। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जूनियर इंजीनियर मनोज कुमार सुमन का डूडा और नगर पंचायतों में किया गया संबद्धीकरण निरस्त कर दिया। सोमवार देर रात जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्धीकरण निरस्त किए जाने का आदेश जारी किया गया।


