खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना के तहत रेलवे इंजीनियरों की टीम जल्द ही स्थल का निरीक्षण करेगी। इस निरीक्षण के बाद खलीलाबाद तहसील क्षेत्र में तितौवा से सरैया तक डेढ़ किलोमीटर रेल पटरी बिछाने का काम शुरू किया जाएगा। यह कार्य परियोजना के पहले चरण का हिस्सा है। रेल पटरी बिछाने से पहले कार्यदायी संस्था द्वारा ब्लांकेटिंग का काम तेजी से कराया जा रहा है। ब्लांकेटिंग में अलग-अलग आकार के छोटे पत्थर और उनका पाउडर डाला जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पटरी के पास जलभराव को रोकना और पटरी को धंसने से बचाना है, जिससे रेल लाइन की स्थिरता सुनिश्चित हो सके। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से शुगर मिल रोड-खलीलाबाद के पास ब्लांकेटिंग का काम जनवरी 2025 में शुरू हुआ था। इस कार्य को छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित कार्यदायी संस्था जेपीडब्ल्यू इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कर रही है। रेल पटरी के किनारे टॉप स्लैब बनाने का काम भी जल्द ही पूरा हो जाएगा। ब्लांकेटिंग का काम पूरा होने के बाद ही उस पर रेल पटरी बिछाई जाएगी। रेलवे स्वयं या टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से किसी अन्य कार्यदायी संस्था से पटरी बिछाने का काम करवा सकती है। प्रथम चरण में तितौवा से सरैया तक डेढ़ किलोमीटर पटरी बिछाने का काम पूरा होने के बाद परियोजना के दूसरे चरण का कार्य प्रारंभ होगा।
जिले में 35 किमी दूरी तक बिछाई जानी है रेल की पटरी खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन 240 किमी लंबी है। इस जिले में 35 किमी दूरी तक रेल की पटरी बिछाई जानी है। नई रेल लाइन के लिए खलीलाबाद के 31 व मेंहदावल के 25 दो तहसील के 56 गांव चिह्नित हैं। इन दोनों तहसील के 5,089 प्रभावित किसानों के बैंक खाते में 365 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जा चुका है। उनकी भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। इस जनपद के लिए यह बहुत बड़ी परियोजना है। जनपद के समग्र विकास में यह महत्वपूर्ण परियोजना मील का पत्थर साबित हो सकती है। इसलिए सभी की निगाहें इस पर टिकी है। ब्लांकेटिंग हो जाने पर उस पर रेल की पटरी बिछाई जाएगी।


