Leg Cramp Heart Attack Sign: पैरों में ऐंठन-दर्द ना करें नजरअंदाज, दिल को खतरा, कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया

Leg Cramp Heart Attack Sign: पैरों में ऐंठन-दर्द ना करें नजरअंदाज, दिल को खतरा, कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया

Leg Cramp Heart Attack Link : पैरों में ऐंठन-दर्द का सीधा मतलब हम विटामिन की कमी, नस की कमजोरी या डिहायड्रेशन से जोड़ते हैं। डॉ. दिमित्री यारानोव (एमडी, कार्डियोलॉजिस्ट) भी यही बता रहे हैं कि इसे हल्के में ना लें। ये दिल की बीमारी का संकेत भी हो सकता है। आइए, डॉक्टर से समझते हैं पैरों में ऐंठन के संकेत (Leg Cramp Symptoms) के बारे में-

Leg Cramp reason | पैरों में ऐंठन के 7 कारण

डॉ. यारानोव कहते हैं, पैरों में ऐंठन (Cramps) सामान्य नहीं हैं। और यह हमेशा “सिर्फ डिहाइड्रेशन” नहीं होता। आपके पैर आपको कुछ बताने की कोशिश कर रहे हैं। जिसे आपको समझने की जरुरत है-

Heart Attack Link | पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD)

उन्होंने बताया, चलते समय ऐंठन होना और रुकने पर आराम मिलना। यह केवल बढ़ती उम्र का संकेत नहीं है। यह कम रक्त प्रवाह का कारण है। PAD का मतलब है पैरों की धमनियों में रुकावट। यदि इसे लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो यह दिल के लिए खतरा बन सकता है। ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन भी कहता है कि इस कारण दिल के दौरे या स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है।

वेनस इनसफिशिएंसी (Venous Insufficiency)

पैरों में भारीपन, शाम को सूजन और रात में ऐंठन। जब नसें प्रभावी ढंग से रक्त को वापस (दिल तक) नहीं पहुंचा पातीं, तो तरल पदार्थ जमा होने लगता है। यही वजन है कि मांसपेशियों में जलन होती है। उभरी हुई नसें और पैरों की बेचैनी केवल सुंदरता की समस्या नहीं, बल्कि सर्कुलेशन की समस्या है। अगल सर्कुलेशन गड़बड़ होता है तो ये आपके हेल्थ के लिए सही नहीं।

Leg Cramp reason

इलेक्ट्रोलाइट की समस्या (Dehydration Issues)

मैग्नीशियम, पोटेशियम या कैल्शियम की कमी के कारण भी ऐसा हो सकता है। यह उन लोगों में आम है जो मूत्रवर्धक (diuretics) दवाएं लेते हैं, कम पोषक तत्व लेते हैं या जिन्हें डिहाइड्रेशन होता है। जब शरीर की केमिस्ट्री बिगड़ती है, तो मांसपेशियां गलत तरीके से रिएक्ट करती हैं।

नसों की समस्या (Nerve Issues)

साइटिका, न्यूरोपैथी या रीढ़ की हड्डी में दबाव का भी संकेत हो सकता है। यदि ऐंठन के साथ जलन और झुनझुनी महसूस हो, तो यह मांसपेशियों की नहीं, बल्कि नसों की समस्या है।

दवाओं का असर (Medications side Effects)

मूत्रवर्धक (Diuretics), स्टैटिन (Statins), अस्थमा की कुछ दवाएं और एंटी-डिप्रेसेंट के प्रभाव से भी ऐसा हो सकता है। यदि किसी नई दवा के शुरू होने के बाद ऐंठन शुरू हुई है, तो उस समय पर ध्यान देना जरूरी है।

अत्यधिक वर्कलोड

लंबी शिफ्ट में काम करना, भारी वर्कआउट या नींद की कमी। इससे मांसपेशियां खिंच जाती हैं और टेंडन सख्त हो जाते हैं, जिससे पैर जवाब देने लगते हैं। अगर आप शारीरिक क्षमता से अधिक काम करते हैं तो भी ऐसा हो सकता है।

मेटाबॉलिक और हार्मोनल इश्यू

थायराइड विकार, एनीमिया, विटामिन D की कमी के कारण भी पैरों में ऐंठन की समस्या होती है। ये चीजें पैरों को जल्दी थका देती हैं और बार-बार ऐंठन का कारण बनती हैं।

पैरों में ऐंठन होने का इलाज

यदि आपके पैरों में बार-बार ऐंठन होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। PAD और नसों की बीमारियां वास्तविक और गंभीर हैं। इलेक्ट्रोलाइट्स, नसें और दवाएं हेल्दी लाइफ के लिए बहुत अधिक मायने रखती हैं। इसलिए, ऐसा होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

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