हरियाणा के रोहतक में 20 फरवरी को गांव खेड़ी साध निवासी सत्यवान की गाड़ी लावारिश हालत में खड़ी मिली, जिसके पास खून पड़ा हुआ था। साथ ही गोलियों के खोल पड़े थे, जबकि वहां कोई व्यक्ति नहीं मिला और ना ही किसी का शव मिला। 4 दिन बाद सत्यवान का शव आरोपियों की निशानदेही पर जवाहर लाल नेहरु नहर से बरामद किया गया। गांव खेड़ी साध निवासी सत्यवान का गांव के ही रहने वाले धर्मेंद्र के साथ विवाद चल रहा था। पुरानी रंजिश के कारण ही सत्यवान ने घर से पिस्तौल निकालकर धर्मेंद्र की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इसी मामले में सत्यवान को सजा हुई थी। सत्यवान ढाई साल पहले जमानत पर बाहर आया था, तब से जमानत पर ही है। जो 20 फरवरी को लापता हो गया था। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा
सत्यवान की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को काबू किया है, जिनकी पहचान मंजीत बापोड़ा गांव भिवानी व मनीष गांव भाली के रूप में हुई। आरोपियों से 5 हथियार भी बरामद किए गए है। पुरानी रंजिश के कारण आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था।


