बिहार विधानसभा का बजट सत्र अब आखरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। सत्र के 16 वें दिन हंगामेदार होने के आसार है। बिहार में बिगड़ी कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष नारेबाजी और हंगामा कर विपक्ष को घेरेगी। सदन के अंदर विपक्षी के साथ सत्ताधारी दल के विधायक अपनी सरकार को घेरेगी। प्रश्नोत्तर काल में विपक्ष और सत्ताधारी बराबरी मूड में दिखती है। आज राजकीय विधायक कार्य निपटाए जाएंगे। राज्य कानून को पास करवाएगी। बिहार सिविल न्यायालय विधेयक 2026 को विधि विभाग प्रभारी मंत्री मंगल पांडे पारित कराएंगे। महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पारित होंगे इस कानून के बाद बिहार में नए कानून के साथ सिविल कोर्ट में नया कानून लागू हो जाएगा। मौजूदा कानून 100 साल से भी अधिक पुराना है। दूसरा सबसे महत्वपूर्ण विधायक बिहार नगर पालिका संशोधन विधेयक 2026 नगर विकास एवं आवास विभाग प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिंह विधायक को सदन के पटल पर रखेंगे और इसे पारित करवाएंगे। नए कानून के तहत मेयर सिलेक्शन में नई प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी मंत्री बिहार कर्मचारी चयन आयोग (संशोधन) विधेयक 2026 को पारित कर आएंगे। बिहार सरकार बिहार कर्मचारी चयन आयोग विधेयक में काफी तब्दीलियां कर रही है। साथ ही सरकार बिहार तकनीकी सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक 2026 को भी पारित करवाएगी। सोमवार को सुबह की कार्यवाही के दौरान विधायक फंड बढ़ाने को लेकर विधानसभा में हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने विधायक निधि को 4 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ करने की मांग की। हंगामे के बीच डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि विधायकों की मांग से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। बच्चों के लिए सरकार लाएगी कानून सरकार बच्चों के स्क्रीन टाइम को कम करने, ऑनलाइन गेम को नियंत्रित करने के लिए नया कानून बनाएगी। जदयू विधायक समृद्ध वर्मा के सवाल पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने ये बात कही। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा में हमें एक सीट मिलनी तय है। मैं चाहूंगा कि हिना शहाब को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया जाए। ये मेरी व्यक्तिगत राय है। इससे एक तीर से कई निशाने साध पाएंगे।’ शराबबंदी पर भी हुई बहस इधर, कार्यवाही शुरू होने से पहले शराबबंदी की समीक्षा को लेकर घिरे रालोमा के विधायक ने कहा है कि इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। हमने जनहित में समीक्षा की बात उठाई थी। बिहार विधानसभा का बजट सत्र अब आखरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। सत्र के 16 वें दिन हंगामेदार होने के आसार है। बिहार में बिगड़ी कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष नारेबाजी और हंगामा कर विपक्ष को घेरेगी। सदन के अंदर विपक्षी के साथ सत्ताधारी दल के विधायक अपनी सरकार को घेरेगी। प्रश्नोत्तर काल में विपक्ष और सत्ताधारी बराबरी मूड में दिखती है। आज राजकीय विधायक कार्य निपटाए जाएंगे। राज्य कानून को पास करवाएगी। बिहार सिविल न्यायालय विधेयक 2026 को विधि विभाग प्रभारी मंत्री मंगल पांडे पारित कराएंगे। महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पारित होंगे इस कानून के बाद बिहार में नए कानून के साथ सिविल कोर्ट में नया कानून लागू हो जाएगा। मौजूदा कानून 100 साल से भी अधिक पुराना है। दूसरा सबसे महत्वपूर्ण विधायक बिहार नगर पालिका संशोधन विधेयक 2026 नगर विकास एवं आवास विभाग प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिंह विधायक को सदन के पटल पर रखेंगे और इसे पारित करवाएंगे। नए कानून के तहत मेयर सिलेक्शन में नई प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी मंत्री बिहार कर्मचारी चयन आयोग (संशोधन) विधेयक 2026 को पारित कर आएंगे। बिहार सरकार बिहार कर्मचारी चयन आयोग विधेयक में काफी तब्दीलियां कर रही है। साथ ही सरकार बिहार तकनीकी सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक 2026 को भी पारित करवाएगी। सोमवार को सुबह की कार्यवाही के दौरान विधायक फंड बढ़ाने को लेकर विधानसभा में हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने विधायक निधि को 4 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ करने की मांग की। हंगामे के बीच डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि विधायकों की मांग से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। बच्चों के लिए सरकार लाएगी कानून सरकार बच्चों के स्क्रीन टाइम को कम करने, ऑनलाइन गेम को नियंत्रित करने के लिए नया कानून बनाएगी। जदयू विधायक समृद्ध वर्मा के सवाल पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने ये बात कही। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा में हमें एक सीट मिलनी तय है। मैं चाहूंगा कि हिना शहाब को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया जाए। ये मेरी व्यक्तिगत राय है। इससे एक तीर से कई निशाने साध पाएंगे।’ शराबबंदी पर भी हुई बहस इधर, कार्यवाही शुरू होने से पहले शराबबंदी की समीक्षा को लेकर घिरे रालोमा के विधायक ने कहा है कि इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। हमने जनहित में समीक्षा की बात उठाई थी।


