अजीत पवार की मौत का ‘सस्पेंस’ गहराया! रोहित पवार ने पूछा- CBI आखिर क्या छिपाने की कोशिश कर रही है?

अजीत पवार की मौत का ‘सस्पेंस’ गहराया! रोहित पवार ने पूछा- CBI आखिर क्या छिपाने की कोशिश कर रही है?

Ajit Pawar Death Investigation Rohit Pawar Statement: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार के विमान हादसे पर सस्पेंस गहराता जा रहा है। शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के विधायक रोहित पवार ने सोमवार को कहा कि यदि दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु की सही से जांच की गई तो ‘मराठी मानुष’ (महाराष्ट्र के लोग) अपनी ताकत दिखाएंगे। उन्होंने पिछले महीने जांच में हुई प्रगति पर सवाल उठाया और बताया कि सीबीआई पहले से ही मामलों के बोझ तले दबी हुई है।

सीबीआई जांच पर उठाए सवाल

रोहित पवार ने विधानसभा भवन परिसर में सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि अमोल मितकारी, रूपाली थोम्बारे और कई जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं जैसे लोग लगातार अजीत पवार की मौत पर सवाल उठा रहे हैं। रोहित पवार ने कहा कि मैं एक पारदर्शी जांच चाहता हूं। मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है, लेकिन जांचकर्ताओं ने पिछले महीने में क्या-क्या जांच की है? क्या उन्होंने सीसीटीवी फुटेज जब्त किया है? क्या आवश्यक आपराधिक जांच की गई है? गहन जांच बेहद जरूरी है। अब तक सिर्फ दो सतही रिपोर्टें ही सौंपी गई हैं।

सत्ता में बैठे लोगों और विमानन कंपनी के बीच संबंधों के बारे में सबूत

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उनके पास सत्ता में बैठे लोगों और वीएसआर (विमानन कंपनी) के बीच संबंधों के बारे में सबूत हैं, जिनमें मंत्रियों के साथ उनके संबंध भी शामिल हैं। उन्होंने सीबीआई जांच का स्वागत किया, लेकिन साथ ही संदेह भी व्यक्त किया और कहा कि वर्तमान में 7,075 मामले अनसुलझे हैं। उन्होंने इसकी तुलना ‘मामलों को ठंडे बस्ते में डालने’ से की और इस बात पर जोर दिया कि सीबीआई को जांच पूरी करने के लिए एक निश्चित समय सीमा निर्धारित की जानी चाहिए।

रोहित पवार ने लगाए ये गंभीर आरोप

रोहित पवार ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए एक औपचारिक पत्र तैयार कर लिया है और सबूतों के साथ इसे सौंपने के लिए उनसे मिलने का समय मांगेंगे। उन्होंने कहा, रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और डीजीसीए को भेजी जा चुकी है। 70 प्रतिशत जानकारी अभी भी उनके द्वारा रोकी गई है। हम राजनीति नहीं करना चाहते। हमारी केवल यही मांग है कि जांच ठीक से की जाए। अजित पवार ने भी पहले यही इच्छा जताई थी और संजय राउत जैसे एमवीए नेताओं ने भी शरद पवार के राज्यसभा जाने की ऐसी ही इच्छा व्यक्त की है।

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