सहरसा के एक निजी स्कूल में अनुशासन के नाम पर छठी कक्षा के छात्र को कथित तौर पर सजा देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि टाई और आईडी कार्ड भूलने पर 12 वर्षीय छात्र को स्कूल कैंपस में कई राउंड दौड़ाया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। स्कूल प्रबंधन के द्वारा आरोप को बेबुनियाद बताया गया है। परिजनों का आरोप है कि तबीयत खराब होने के बावजूद स्कूल प्रशासन ने तत्काल इलाज की व्यवस्था नहीं की। फिलहाल बच्चे का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। घटना सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर 14, डीबी रोड निवासी मो. लुकमान के भांजे मो. अरकम (पिता—मो. अशरफ) के साथ हुई, जो बरियाही स्थित शांति मिशन एकेडमी में कक्षा 6 में पढ़ते हैं। फिजिकल टीचर ने दी सजा, 5-6 राउंड दौड़ाया मो. लुकमान ने बताया कि सोमवार सुबह मो. अरकम रोज की तरह स्कूल गया था, लेकिन वह टाई और आईडी कार्ड ले जाना भूल गया। आरोप है कि फिजिकल टीचर सोनू ने उसे बड़े ग्राउंड में 5-6 राउंड दौड़ने की सजा दी। परिजनों के अनुसार, बच्चे ने शिक्षक को पहले ही अपनी तबीयत खराब होने और लीवर संबंधी समस्या की जानकारी दी थी। संबंधित मेडिकल दस्तावेज स्कूल में जमा होने और डायरी में भी दर्ज होने का दावा किया गया है। दौड़ के दौरान बच्चे को पेट में तेज दर्द हुआ और उल्टी होने लगी। इसके बाद स्कूल की ओर से बच्चे के पिता को फोन कर बुलाया गया। मो. लुकमान का कहना है कि जब परिवार के लोग स्कूल पहुंचे तो बच्चे की हालत चिंताजनक थी। उनका आरोप है कि स्कूल ने प्राथमिक उपचार तक उपलब्ध नहीं कराया। परिजन बच्चे को लेकर सीधे सहरसा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है। परिवार ने इस घटना की शिकायत बाल संरक्षण आयोग और सीबीएसई बोर्ड तक ले जाने की बात कही है। वहीं, स्कूल प्रबंधन की ओर से अजय कुमार ने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी मामले की जानकारी नहीं है और लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। सहरसा के एक निजी स्कूल में अनुशासन के नाम पर छठी कक्षा के छात्र को कथित तौर पर सजा देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि टाई और आईडी कार्ड भूलने पर 12 वर्षीय छात्र को स्कूल कैंपस में कई राउंड दौड़ाया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। स्कूल प्रबंधन के द्वारा आरोप को बेबुनियाद बताया गया है। परिजनों का आरोप है कि तबीयत खराब होने के बावजूद स्कूल प्रशासन ने तत्काल इलाज की व्यवस्था नहीं की। फिलहाल बच्चे का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। घटना सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर 14, डीबी रोड निवासी मो. लुकमान के भांजे मो. अरकम (पिता—मो. अशरफ) के साथ हुई, जो बरियाही स्थित शांति मिशन एकेडमी में कक्षा 6 में पढ़ते हैं। फिजिकल टीचर ने दी सजा, 5-6 राउंड दौड़ाया मो. लुकमान ने बताया कि सोमवार सुबह मो. अरकम रोज की तरह स्कूल गया था, लेकिन वह टाई और आईडी कार्ड ले जाना भूल गया। आरोप है कि फिजिकल टीचर सोनू ने उसे बड़े ग्राउंड में 5-6 राउंड दौड़ने की सजा दी। परिजनों के अनुसार, बच्चे ने शिक्षक को पहले ही अपनी तबीयत खराब होने और लीवर संबंधी समस्या की जानकारी दी थी। संबंधित मेडिकल दस्तावेज स्कूल में जमा होने और डायरी में भी दर्ज होने का दावा किया गया है। दौड़ के दौरान बच्चे को पेट में तेज दर्द हुआ और उल्टी होने लगी। इसके बाद स्कूल की ओर से बच्चे के पिता को फोन कर बुलाया गया। मो. लुकमान का कहना है कि जब परिवार के लोग स्कूल पहुंचे तो बच्चे की हालत चिंताजनक थी। उनका आरोप है कि स्कूल ने प्राथमिक उपचार तक उपलब्ध नहीं कराया। परिजन बच्चे को लेकर सीधे सहरसा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है। परिवार ने इस घटना की शिकायत बाल संरक्षण आयोग और सीबीएसई बोर्ड तक ले जाने की बात कही है। वहीं, स्कूल प्रबंधन की ओर से अजय कुमार ने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी मामले की जानकारी नहीं है और लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।


