FIH प्रो लीग: Spain के खिलाफ आज जीत की पटरी पर लौटना चाहेगी Team India, साख दांव पर

FIH प्रो लीग: Spain के खिलाफ आज जीत की पटरी पर लौटना चाहेगी Team India, साख दांव पर

 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले मैच में जुझारु प्रदर्शन करने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम मंगलवार को यहां स्पेन के खिलाफ होने वाले मैच में वापसी करके एफआईएच प्रो लीग में अपने अभियान को पटरी पर लाने की कोशिश करेगी।
नौ टीमों के इस टूर्नामेंट में अब तक भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। राउरकेला और होबार्ट में खेले गए दोनों चरणों में भारत को पांच हार का सामना करना पड़ा जबकि एक मैच उसने ड्रॉ खेला।  कोच क्रेग फुल्टन आलोचनाओं का सामना कर रहेटीम के इस लचर प्रदर्शन के कारण कोच क्रेग फुल्टन पर दबाव बढ़ गया है जो लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।
नियमित कप्तान हरमनप्रीत सिंह के व्यक्तिगत कारणों से होबार्ट चरण से हटने के बाद युवा मिडफील्डर हार्दिक सिंह को कप्तानी सौंपी गई।
होबार्ट चरण में स्पेन से पहला मैच 0-2 से हारने के बाद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 2-2 से ड्रॉ पर रोक दिया था लेकिन उसे पेनल्टी शूटआउट में 4-5 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम हालांकि इस मैच से वर्तमान टूर्नामेंट का पहला अंक हासिल करने में सफल रही थी।
भारतीय टीम अब स्पेन के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होगी। इन दोनों टीमों के बीच वर्षों से कड़ी प्रतिस्पर्धा रही है, जिसमें दोनों ने एक दूसरे को समान रूप से टक्कर दी है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत एक समय जीत की स्थिति में था। अमित रोहिदास और जुगराज सिंह के गोल की बदौलत भारत ने 2-0 की बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन मैच के अंत में गोल खाने की वही पुरानी समस्या फिर से सामने आ गई। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने जोरदार वापसी करते हुए पेनल्टी शूटआउट में मैच जीत लिया।
इससे पहले राउरकेला में खेले गए चारों मैचों में भारत की हार को देखते हुए इस टीम का अच्छा प्रदर्शन माना जा सकता है। राउरकेला में भारत को अर्जेंटीना से 0-8 की करारी शिकस्त भी मिली थी।
पिछले मैच में शिलानंद लाकड़ा ने भी शानदार खेल का प्रदर्शन किया। उनकी तेज दौड़ और रिवर्स-हिट ने ऑस्ट्रेलियाई गोलकीपर को चकमा दे दिया, हालांकि बैक-स्टिक के इस्तेमाल के कारण उनके इस गोल को अमान्य घोषित कर दिया गया। युवा आदित्य ललागे ने भी अपनी छाप छोड़ी।
भारतीय टीम को अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए अब अच्छा प्रदर्शन करना ही होगा क्योंकि नौ टीमों वाली एफआईएच प्रो लीग तालिका में वह छह मैचों में सिर्फ एक अंक के साथ आठवें स्थान पर है। भारत के पीछे केवल पाकिस्तान है जिसने अब तक अपने सभी आठ मैच हारे हैं और अभी तक अपना खाता नहीं खोला है।
होबार्ट चरण में भारतीय टीम स्पेन के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम मैच खेलेगी। इसके बाद जून में यूरोप में मुकाबले होंगे, जहां भारत नीदरलैंड, बेल्जियम और इंग्लैंड में खेलेगा।
लेकिन उससे पहले भारत का तात्कालिक लक्ष्य अंक हासिल करना और तालिका में आगे बढ़ना होगा। बेल्जियम (आठ मैच, 22 अंक) तालिका में अभी सबसे आगे है। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया (सात मैच, 20 अंक) और अर्जेंटीना (आठ मैच, 17 अंक) का नंबर आता है।
जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले एफआईएच प्रो लीग में दमदार प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण होगा। एशियाई खेल लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंट भी है। 

 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले मैच में जुझारु प्रदर्शन करने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम मंगलवार को यहां स्पेन के खिलाफ होने वाले मैच में वापसी करके एफआईएच प्रो लीग में अपने अभियान को पटरी पर लाने की कोशिश करेगी।
नौ टीमों के इस टूर्नामेंट में अब तक भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। राउरकेला और होबार्ट में खेले गए दोनों चरणों में भारत को पांच हार का सामना करना पड़ा जबकि एक मैच उसने ड्रॉ खेला।

 कोच क्रेग फुल्टन आलोचनाओं का सामना कर रहे

टीम के इस लचर प्रदर्शन के कारण कोच क्रेग फुल्टन पर दबाव बढ़ गया है जो लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।
नियमित कप्तान हरमनप्रीत सिंह के व्यक्तिगत कारणों से होबार्ट चरण से हटने के बाद युवा मिडफील्डर हार्दिक सिंह को कप्तानी सौंपी गई।
होबार्ट चरण में स्पेन से पहला मैच 0-2 से हारने के बाद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 2-2 से ड्रॉ पर रोक दिया था लेकिन उसे पेनल्टी शूटआउट में 4-5 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम हालांकि इस मैच से वर्तमान टूर्नामेंट का पहला अंक हासिल करने में सफल रही थी।

भारतीय टीम अब स्पेन के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होगी। इन दोनों टीमों के बीच वर्षों से कड़ी प्रतिस्पर्धा रही है, जिसमें दोनों ने एक दूसरे को समान रूप से टक्कर दी है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत एक समय जीत की स्थिति में था। अमित रोहिदास और जुगराज सिंह के गोल की बदौलत भारत ने 2-0 की बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन मैच के अंत में गोल खाने की वही पुरानी समस्या फिर से सामने आ गई। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने जोरदार वापसी करते हुए पेनल्टी शूटआउट में मैच जीत लिया।

इससे पहले राउरकेला में खेले गए चारों मैचों में भारत की हार को देखते हुए इस टीम का अच्छा प्रदर्शन माना जा सकता है। राउरकेला में भारत को अर्जेंटीना से 0-8 की करारी शिकस्त भी मिली थी।
पिछले मैच में शिलानंद लाकड़ा ने भी शानदार खेल का प्रदर्शन किया। उनकी तेज दौड़ और रिवर्स-हिट ने ऑस्ट्रेलियाई गोलकीपर को चकमा दे दिया, हालांकि बैक-स्टिक के इस्तेमाल के कारण उनके इस गोल को अमान्य घोषित कर दिया गया। युवा आदित्य ललागे ने भी अपनी छाप छोड़ी।
भारतीय टीम को अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए अब अच्छा प्रदर्शन करना ही होगा क्योंकि नौ टीमों वाली एफआईएच प्रो लीग तालिका में वह छह मैचों में सिर्फ एक अंक के साथ आठवें स्थान पर है। भारत के पीछे केवल पाकिस्तान है जिसने अब तक अपने सभी आठ मैच हारे हैं और अभी तक अपना खाता नहीं खोला है।
होबार्ट चरण में भारतीय टीम स्पेन के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम मैच खेलेगी।

इसके बाद जून में यूरोप में मुकाबले होंगे, जहां भारत नीदरलैंड, बेल्जियम और इंग्लैंड में खेलेगा।
लेकिन उससे पहले भारत का तात्कालिक लक्ष्य अंक हासिल करना और तालिका में आगे बढ़ना होगा। बेल्जियम (आठ मैच, 22 अंक) तालिका में अभी सबसे आगे है। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया (सात मैच, 20 अंक) और अर्जेंटीना (आठ मैच, 17 अंक) का नंबर आता है।
जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले एफआईएच प्रो लीग में दमदार प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण होगा। एशियाई खेल लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंट भी है।

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