राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भागलपुर में एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शहर के बाबा वृद्धेश्वर नाथ मंदिर (बूढ़ानाथ) के प्रांगण में संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों में उत्साह देखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। सर्वप्रथम गणेश वंदना की गई, जिसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान भारत माता का विधि-विधानपूर्वक पूजन भी किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जनसमूह में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाई। सम्मेलन में एक बौद्धिक सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उसके उद्देश्यों और राष्ट्र तथा समाज के प्रति योगदान पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने संगठन के स्थापना काल से लेकर वर्तमान तक की गतिविधियों, सामाजिक समरसता के प्रयासों और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में निभाई गई भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर संघ के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संयोजक पवन कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक जागरण का सशक्त संदेश देता है। उन्होंने बताया कि संघ ने बीते एक शताब्दी में सेवा, संगठन और संस्कार के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य किया है। कार्यक्रम में संघ के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, उत्साह और राष्ट्रभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भागलपुर में एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शहर के बाबा वृद्धेश्वर नाथ मंदिर (बूढ़ानाथ) के प्रांगण में संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों में उत्साह देखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। सर्वप्रथम गणेश वंदना की गई, जिसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान भारत माता का विधि-विधानपूर्वक पूजन भी किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जनसमूह में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाई। सम्मेलन में एक बौद्धिक सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उसके उद्देश्यों और राष्ट्र तथा समाज के प्रति योगदान पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने संगठन के स्थापना काल से लेकर वर्तमान तक की गतिविधियों, सामाजिक समरसता के प्रयासों और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में निभाई गई भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर संघ के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संयोजक पवन कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक जागरण का सशक्त संदेश देता है। उन्होंने बताया कि संघ ने बीते एक शताब्दी में सेवा, संगठन और संस्कार के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य किया है। कार्यक्रम में संघ के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, उत्साह और राष्ट्रभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।


