बांका में शादी की रस्में पूरी करने के तुरंत बाद एक दुल्हन परीक्षा देने पहुंच गई। 22 फरवरी (रविवार) को युवती की शादी संपन्न हुई। रातभर वैवाहिक कार्यक्रम चलते रहे और 23 फरवरी (सोमवार) की सुबह पहली पाली में अंग्रेजी विषय की परीक्षा निर्धारित थी। पूरी रात जागने के बावजूद युवती लाल जोड़े में ही अपने पति के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचीं। केंद्र पर मौजूद भीड़ के बीच परिजनों और प्रशासन के सहयोग से उन्हें सुरक्षित अंदर प्रवेश कराया गया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी किया। दुल्हन ने बताया कि वह परीक्षा इसलिए देने आईं क्योंकि वह नहीं चाहती थीं कि शादी के कारण उनका एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो। उनके पति ने भी उनके निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि वे पत्नी की शिक्षा और इच्छाओं का सम्मान करते हैं। घटना रजौन प्रखंड के प्लस टू प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, धौनी चकसफिया की है। युवती की पहचान अमरपुर प्रखंड के इटहरी निवासी ब्यूटी कुमारी के रूप में हुई है। वहीं लड़के की पहचान रजौन प्रखंड के मंझोनी गांव निवासी संजीत कुमार यादव के रूप में हुई है। शादी की रात से सीधे परीक्षा केंद्र तक
रातभर वैवाहिक रस्में चलने के बाद सुबह पहली पाली में अंग्रेजी की परीक्षा थी। पूरी रात जागने के बावजूद नवविवाहिता लाल जोड़े में ही अपने पति के साथ केंद्र पहुंचीं। केंद्र पर भीड़ उमड़ी हुई थी, लेकिन परिजनों और प्रशासन की मदद से उन्हें सुरक्षित परीक्षा कक्ष तक पहुंचाया गया। इस अनोखे पल को वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल फोन में भी कैद किया। “एक साल बर्बाद नहीं करना चाहती थी”
दुल्हन ने साफ कहा कि वह शादी की वजह से अपना एक शैक्षणिक वर्ष गंवाना नहीं चाहती थीं। उनके लिए शिक्षा प्राथमिकता है, इसलिए थकान और व्यस्तता के बावजूद परीक्षा में शामिल होना जरूरी समझा। उनका यह फैसला उनके आत्मविश्वास और पढ़ाई के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। पति ने किया समर्थन
पति ने भी उनके निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि वे पत्नी की शिक्षा और इच्छाओं का सम्मान करते हैं। पत्नी की इच्छा के अनुरूप ही रस्में पूरी होते ही दोनों परीक्षा केंद्र पहुंचे। परीक्षा केंद्र के केन्द्राधीक्षक मनोज कुमार पंडित ने कहा कि दुल्हन द्वारा दी गई परीक्षा शिक्षा के प्रति प्राथमिकता का प्रेरणादायक संदेश देती है। शादी जैसी बड़ी जिम्मेदारियों के बीच भी मजबूत संकल्प हो तो पढ़ाई का रास्ता नहीं रुकता। यह समाज के लिए मिसाल है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, शिक्षा कभी पीछे नहीं रहनी चाहिए। सभी लड़कियों को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। बांका में शादी की रस्में पूरी करने के तुरंत बाद एक दुल्हन परीक्षा देने पहुंच गई। 22 फरवरी (रविवार) को युवती की शादी संपन्न हुई। रातभर वैवाहिक कार्यक्रम चलते रहे और 23 फरवरी (सोमवार) की सुबह पहली पाली में अंग्रेजी विषय की परीक्षा निर्धारित थी। पूरी रात जागने के बावजूद युवती लाल जोड़े में ही अपने पति के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचीं। केंद्र पर मौजूद भीड़ के बीच परिजनों और प्रशासन के सहयोग से उन्हें सुरक्षित अंदर प्रवेश कराया गया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी किया। दुल्हन ने बताया कि वह परीक्षा इसलिए देने आईं क्योंकि वह नहीं चाहती थीं कि शादी के कारण उनका एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो। उनके पति ने भी उनके निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि वे पत्नी की शिक्षा और इच्छाओं का सम्मान करते हैं। घटना रजौन प्रखंड के प्लस टू प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, धौनी चकसफिया की है। युवती की पहचान अमरपुर प्रखंड के इटहरी निवासी ब्यूटी कुमारी के रूप में हुई है। वहीं लड़के की पहचान रजौन प्रखंड के मंझोनी गांव निवासी संजीत कुमार यादव के रूप में हुई है। शादी की रात से सीधे परीक्षा केंद्र तक
रातभर वैवाहिक रस्में चलने के बाद सुबह पहली पाली में अंग्रेजी की परीक्षा थी। पूरी रात जागने के बावजूद नवविवाहिता लाल जोड़े में ही अपने पति के साथ केंद्र पहुंचीं। केंद्र पर भीड़ उमड़ी हुई थी, लेकिन परिजनों और प्रशासन की मदद से उन्हें सुरक्षित परीक्षा कक्ष तक पहुंचाया गया। इस अनोखे पल को वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल फोन में भी कैद किया। “एक साल बर्बाद नहीं करना चाहती थी”
दुल्हन ने साफ कहा कि वह शादी की वजह से अपना एक शैक्षणिक वर्ष गंवाना नहीं चाहती थीं। उनके लिए शिक्षा प्राथमिकता है, इसलिए थकान और व्यस्तता के बावजूद परीक्षा में शामिल होना जरूरी समझा। उनका यह फैसला उनके आत्मविश्वास और पढ़ाई के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। पति ने किया समर्थन
पति ने भी उनके निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि वे पत्नी की शिक्षा और इच्छाओं का सम्मान करते हैं। पत्नी की इच्छा के अनुरूप ही रस्में पूरी होते ही दोनों परीक्षा केंद्र पहुंचे। परीक्षा केंद्र के केन्द्राधीक्षक मनोज कुमार पंडित ने कहा कि दुल्हन द्वारा दी गई परीक्षा शिक्षा के प्रति प्राथमिकता का प्रेरणादायक संदेश देती है। शादी जैसी बड़ी जिम्मेदारियों के बीच भी मजबूत संकल्प हो तो पढ़ाई का रास्ता नहीं रुकता। यह समाज के लिए मिसाल है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, शिक्षा कभी पीछे नहीं रहनी चाहिए। सभी लड़कियों को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।


