नरैनी के खरोंच गांव से निकलकर अवर अभियंता (जेई) बने रामभवन की कहानी बाहर से जितनी सामान्य दिखती थी, अंदर से उतनी ही भयावह निकली। कॉलेज के दिनों से गैजेट्स के शौकीन और पढ़ाई में तेज माने जाने वाले रामभवन ने करीब दस साल तक मासूम बच्चों का यौन शोषण किया और इस घिनौने नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैलाया।
हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान किसी को भनक तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब इंटरनेशनल एजेंसी इंटरपोल से इनपुट मिला। इसके बाद Central Bureau of Investigation (CBI) ने 31 अक्टूबर 2020 को केस दर्ज किया। डिजिटल साक्ष्यों और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की जांच शुरू हुई तो एक-एक कर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
डिजिटल सबूत बने फांसी की वजह
CBI की चार्जशीट में पेश किए गए इलेक्ट्रॉनिक सबूत, विदेशी सर्वर से जुड़ी जानकारियां और पीड़ित बच्चों के बयान अदालत में अहम साबित हुए। लंबी सुनवाई के बाद 20 फरवरी 2026 को अदालत ने रामभवन को फांसी की सजा सुनाई। फिलहाल वह जेल में बंद है।
जानें क्या है पूरा मामला
नरैनी कस्बे के एक विद्यालय से इंटर तक पढ़ाई करने वाला रामभवन शुरू से ही पढ़ाई में तेज था। साथ पढ़ने वाले एक सहपाठी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसे गैजेट्स का खासा शौक था। पढ़ाई में होशियार होने की वजह से वह अवर अभियंता (जेई) बन गया। लेकिन शुरुआत से ही खुराफाती किस्म का था। गलत संगत में पड़ गया था। एक-दो बार शिकायत भी हुई थी, मगर कभी सोचा नहीं था कि वह इतना बड़ा अपराध करेगा।
भाई नरैनी में कारोबार, गांव में सन्नाटा
रामभवन के भाई राजा भइया और रामप्रकाश ज्यादा पढ़-लिख नहीं सके। दोनों नरैनी में सीमेंट की जाली और बड़े बर्तन बनाने का कारोबार करते हैं और वहीं रह रहे हैं। खरोंच गांव में अब परिवार का कोई सदस्य नहीं रहता। पैतृक घर मामा के बेटे देवीदीन को दे दिया गया है।
सेक्स टॉय और खिलौनों का भंडार मिला
गिरफ्तारी के दौरान Central Bureau of Investigation (CBI) को रामभवन के ठिकानों से बड़ी मात्रा में सेक्स टॉय और बच्चों के खिलौने मिले। दुकानदारों से बिलों का सत्यापन कराया गया। जांच में सामने आया कि इन्हीं के जरिए वह मासूमों को झांसे में लेकर अपने जाल में फंसाता था।
उसे महंगे मोबाइल फोन और लैपटॉप का भी शौक था। डिजिटल डिवाइस से बच्चों की अश्लील तस्वीरें और वीडियो बरामद हुए। इन्हीं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को अदालत में पेश किया गया, जो सजा का आधार बने।
बेल्जियम की साइट से खुला राज
जांच में पता चला कि रामभवन द्वारा भेजा गया एक पोर्न वीडियो सबसे पहले बेल्जियम की एक वेबसाइट पर देखा गया। इसके बाद इंटरनेशनल अलर्ट के आधार पर CBI की टीम ने पड़ताल शुरू की। जांच की कड़ी सोनभद्र तक पहुंची, जहां नीरज यादव को गिरफ्तार किया गया। उसी से मिले सुरागों ने रामभवन के नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। पूछताछ में रामभवन ने कबूल किया कि उसने 47 देशों तक पहुंच बनाकर अश्लील वीडियो बेचे थे। डिजिटल ट्रेल और विदेशी सर्वर कनेक्शन ने उसकी करतूतों को उजागर कर दिया।


