बच्चा चोर समझकर ग्रामीणों ने एक अधेड़ व्यक्ति को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। यह घटना रविवार रात सीहोर के ग्राम नोनीखेड़ी-खामलिया मार्ग पर हुई। पुलिस फिलहाल व्यक्ति के दस्तावेजों की जांच कर रही है और उससे पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि अधेड़ व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर है। वह किसी देवस्थान पर आया था और भटकते हुए गांव नोनीखेड़ी जा पहुंचा। इन दिनों शहर, गांव और कस्बों में बच्चा चोर गिरोह सक्रिय होने की अफवाह तेजी से फैली हुई है। नोनीखेड़ी-खामलिया मार्ग पर भटकते हुए इस व्यक्ति को कुछ ग्रामीणों ने देखा। उन्होंने अन्य ग्रामीणों को बुलाया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने उसे बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया और उससे पूछताछ की, लेकिन वह कुछ बता नहीं पा रहा था। महाराष्ट्र से भटकर गांव पहुंचा था
थाना कोतवाली टीआई रविन्द्र यादव ने बताया कि पूछताछ जारी है। ग्रामीणों को बच्चा चोर होने का शक हुआ था, लेकिन संभवतः वह भटकते हुए गांव में पहुंचा है। व्यक्ति का नाम गुलाब पिता देवदास है, जो जलगांव, महाराष्ट्र का रहने वाला है। उसके पास से जलगांव से भोपाल का चार लोगों का टिकट भी मिला है, जिससे पता चलता है कि वह देवस्थान आया था। ग्राम खामलिया के सरपंच ने बताया कि व्यक्ति संदिग्ध लग रहा था, जिसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया। किसी भी तरह की मारपीट से बचने के लिए तुरंत पुलिस को बुलाया गया। व्यक्ति के बैग से टॉफी, नींबू, महिला के वस्त्र और कुछ गोलियां मिली हैं। उसके पास आधार कार्ड नहीं था और वह कुछ भी बताने में असमर्थ था।


