तारीख: 20 फरवरी। जगह: उज्जैन का महाकाल मंदिर…बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक युवक और युवती को रोका। दोनों एक होटल में जा रहे थे। कार्यकर्ताओं ने युवक से उसका नाम पूछा तो उसने पहले नाम नहीं बताया। जब सख्ती की तो उसने अपना नाम नसीम अकरम बताया। इतना सुनते ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसके साथ जमकर मारपीट की। युवक दिल्ली का रहने वाला है और हिमाचल प्रदेश की एक लड़की के साथ उज्जैन आया था। वह महाकाल मंदिर इलाके के एक होटल में ठहरा था। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि युवक के मोबाइल में युवती समेत बाकी लड़कियों के न्यूड वीडियो और फोटो मिले हैं। इसके बाद महाकाल थाने की पुलिस युवक को अपने साथ थाने ले गई। ये केवल एक केस नहीं है। पिछले दो महीने में केवल उज्जैन में ही बजरंग दल और वीएचपी के कार्यकर्ताओं ने ऐसे करीब 16 मामले पकड़े हैं, जिसमें युवक मुस्लिम और युवती हिंदू थी। हालांकि, ये अलग बात है कि इनमें से कई मामलों में कपल बालिग थे और उनके खिलाफ कानूनी रूप से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। जिन मामलों में लड़कियां नाबालिग थी, पुलिस ने उन मामलों में केस दर्ज आरोपियों को गिरफ्तार किया। खास बात ये है कि बजरंग दल और वीएचपी ने ऐसे मामलों को पकड़ने के लिए एक समानांतर नेटवर्क बना लिया है। यह नेटवर्क कैसे काम करता है? इनके पास सूचनाएं कहां से आती हैं और कैसे एक वॉट्सऐप मैसेज कुछ ही घंटों में एक लाइव एक्शन में तब्दील हो जाता है? भास्कर की टीम ने करीब 8 घंटे संगठन के पदाधिकारियों के साथ रहकर ऐसे ही एक ऑपरेशन को अपनी आंखों से देखा। साथ ही एक्सपर्ट और पुलिस अफसरों से बात कर ये समझा कि कानून की चौखट पर ये मामले कितनी देर टिक पाते हैं। पढ़िए रिपोर्ट… इन तीन केस से समझें ‘लव जिहाद’ का कथित पैटर्न केस-1: बिछड़ौद का वीडियो कांड
घट्टिया तहसील के बिछड़ौद गांव में पिछले साल 7 मई को एक लड़की का आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें फरमान नामक युवक था। जब पुलिस ने फरमान को पकड़ा, तो उसके मोबाइल से गांव की कई अन्य लड़कियों के अश्लील वीडियो मिले। जांच में पता चला कि फरमान उज्जैन आरटीओ में एक प्राइवेट एजेंट था और लाइसेंस बनवाने के लिए लगने वाले स्कूल-कॉलेज कैंपों में जाता था। यहीं से वह लड़कियों के मोबाइल नंबर हासिल करता और उन्हें अपने दोस्तों में बांट देता था।
केस-2 : ‘रोहित’ बनकर मिला ‘सोहेल’
एक अन्य मामले में, सोहेल नामक युवक ने ‘रोहित’ बनकर एक नाबालिग लड़की से दोस्ती की। जब वह लड़की से मिलने गया, तो उसके दोस्तों ने गलती से उसे उसके असली नाम ‘सोहेल’ से पुकार लिया। लड़की के शक करने पर उसने कबूल किया कि वह मुस्लिम है और फिर लड़की को धमकी देने लगा कि उसे उससे शादी करनी होगी और नमाज पढ़नी पड़ेगी।
केस-3: ग्रूमिंग जिहाद का चौंकाने वाला चेहरा
एक 15 वर्षीय नाबालिग की कहानी और भी भयावह है। उसकी दोस्ती एक नाबालिग लड़के से हुई। कुछ महीनों बाद जब उनके बीच दूरियां बढ़ीं, तो लड़के ने अपने एक दोस्त को उस लड़की के संपर्क में ला दिया। यह दोस्त लड़की को बहाने से इंदौर ले गया, वहां उसके साथ रेप किया। उसके बाद उसे बुर्का पहनने को मजबूर किया। हिंदू संगठनों ने इसे ग्रूमिंग लव जिहाद नाम दिया है। कैसे काम करता है बजरंगदल-वीएचपी का नेटवर्क अब इन कथित लव जिहाद के मामलों की जानकारी वीएचपी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को कैसे मिलती है। ये जानने के लिए भास्कर की टीम दिनभर कार्यकर्ताओं के साथ रही। 18 फरवरी को त्रिपुंड और रूद्राक्ष की माला पहने जफर नाम के जिस युवक को हिंदू संगठनों ने पकड़ा था उस वक्त भास्कर की टीम कार्यकर्ताओं के साथ थी। वॉट्सऐप पर सूचना, कार्यकर्ता एक्शन में
भास्कर की टीम विश्व हिंदू परिषद (VHP) के स्थानीय कार्यालय में मौजूद थी। पदाधिकारी एक महत्वपूर्ण बैठक की तैयारियों में जुटे थे। दोपहर 1 बजे जिला संयोजक ऋषभ कुशवाह के मोबाइल पर एक वॉट्सऐप मैसेज आया। मैसेज में लिखा था- नानाखेड़ा की एक होटल में एक मुस्लिम युवक, एक हिंदू युवती के साथ ठहरा हुआ है। ऋषभ ने तुरंत यह जानकारी जिलाध्यक्ष राजेश आंजना को दी, जो उसी कार्यालय में मौजूद थे। बैठक स्थगित कर दी गई। आंजना ने तत्काल अपना फोन उठाया और एक के बाद एक कई नंबर डायल करने लगे। कुछ फोन संगठन के पदाधिकारियों को किए गए, तो कुछ उन स्थानीय कार्यकर्ताओं को, जो नानाखेड़ा क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक संरचना को अच्छी तरह समझते थे। करीब आठ से दस फोन कॉल्स के बाद भी जब सूचना की ठोस पुष्टि नहीं हो सकी, तो संगठन के एक युवा सदस्य, लवेश सोनी को कुछ साथियों के साथ मौके पर भेजा गया। हमारी टीम भी लवेश के साथ उस होटल की ओर निकल पड़ी। रास्ते में भी लवेश का फोन लगातार चलता रहा। वह अपने नेटवर्क के अन्य साथियों को होटल के बाहर इकट्ठा होने का निर्देश दे रहा था। लड़की का आईडी मिला, लड़के का नहीं
लवेश अपनी टीम के साथ सीधे होटल के रिसेप्शन पर पहुंचा। वहां मौजूद कर्मचारी से उसने एंट्री रजिस्टर दिखाने को कहा। थोड़ी आनाकानी और बहस के बाद, कार्यकर्ताओं के दबाव में कर्मचारी रजिस्टर दिखाने पर राजी हो गया। उसने बताया कि आज केवल दो कमरे ही बुक हुए हैं-एक में एक परिवार ठहरा है और दूसरे में एक कपल। ‘कपल’ शब्द सुनते ही कार्यकर्ताओं का शक यकीन में बदलने लगा। जब उन्होंने आईडी मांगी, तो रजिस्टर में लड़की की आईडी तो थी, लेकिन लड़के का कोई पहचान पत्र नहीं था। कर्मचारी ने सफाई देते हुए कहा, “लड़के ने कहा है कि वह महाकाल मंदिर दर्शन करने जा रहा है और लौटते समय आईडी जमा कर देगा।” इस पर कार्यकर्ता भड़क गए कि बिना आईडी के कमरा कैसे दिया गया, लेकिन किसी तरह मामला शांत हुआ। कार्यकर्ताओं के दबाव में कर्मचारी ने उस नंबर पर फोन लगाया जो बुकिंग के समय दिया गया था। फोन लड़की ने उठाया। कर्मचारी ने कहा, “मैडम, आपके साथी की आईडी जमा नहीं हुई है, कृपया जमा करा दें।” इस पर लड़की गुस्से में बोली, “हमारे पास और कोई आईडी नहीं है। हमने बुकिंग के समय ही बता दिया था। पैसे तो पूरे दे दिए हैं न!” यह कहकर उसने फोन काट दिया। चार घंटे का इंतजार और पकड़ा गया युवक
अब कार्यकर्ताओं को पूरा यकीन हो गया कि मामला संदिग्ध है। दोपहर के दो बज चुके थे। लड़के और लड़की के लौटने का इंतजार करने के अलावा कोई और चारा नहीं था। सभी कार्यकर्ता होटल के आसपास ही जम गए। यह इंतजार लंबा खिंचा और शाम 6 बजे खत्म हुआ, जब गेरूए वस्त्र पहने एक युवक, लड़की के साथ होटल में दाखिल हुआ। कार्यकर्ताओं ने तुरंत उसे घेर लिया। नाम पूछने पर वह आनाकानी करने लगा। जब दबाव बनाया गया, तो उसने अपना नाम ‘जफर’ बताया। नाम सुनते ही कुछ युवा कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और उसकी पिटाई शुरू कर दी। हालांकि, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन्हें रोका और तत्काल पुलिस को सूचित किया। नानाखेड़ा थाना होटल से महज 20 कदम की दूरी पर था, इसलिए पुलिस भी फौरन मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जफर को हिरासत में लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाने ले गई। अब जानिए कैसे काम करता है ये नेटवर्क बजरंग दल और वीएचपी कार्यकर्ताओं को सटीक सूचनाएं कैसे मिलती हैं? और ये नेटवर्क कैसे काम करता है? इसे लेकर भास्कर ने संगठन के सदस्यों से बात की। 1.हर स्कूल-कॉलेज में टीम
संगठन के सक्रिय सदस्य लवेश सोनी बताते हैं, ‘हिंदू लड़कियों को प्रेम के जाल में फंसाने का यह षड्यंत्र सबसे ज्यादा स्कूल और कॉलेजों में चलता है। इसलिए हमने वहीं अपना सबसे मजबूत नेटवर्क तैयार किया है।’ लवेश के अनुसार, उनके पास शहर के लगभग हर स्कूल-कॉलेज में छात्रों की एक समर्पित टीम है। वे हर सप्ताह नए लड़कों को संगठन से जोड़ते हैं। 2. गतिविधियों पर रखते हैं नजर
यह नेटवर्क कैसे काम करता है, इसकी प्रक्रिया बेहद सुनियोजित है। लवेश बताते हैं, ‘कॉलेज की हमारी टीम इस बात पर नजर रखती है कि कौन सी लड़की किससे बात कर रही है, उसकी गतिविधियां क्या हैं। अगर कोई हिंदू लड़की किसी मुस्लिम युवक के साथ घुलमिल रही है, तो हमारी टीम उस पर नजर रखना शुरू कर देती है। 3. सूचना की पुष्टि होने पर निगरानी
जब ये लोग किसी होटल, कैफे या ऐसी किसी सुनसान जगह पर जाते हैं, जहां लड़की के साथ कोई अनहोनी हो सकती है, तो हमारी टीम उनका पीछा करती है और सही समय पर हमें सूचना देती है। इसके बाद हमारी एक्शन टीम मौके पर पहुंचकर उन्हें रंगेहाथ पकड़ती है और लड़के को पुलिस के हवाले कर देती है। VHP-बजरंग दल को सूचना मिलने के सात अहम सोर्स यह पूरा ऑपरेशन एक बेहद विस्तृत और बहुस्तरीय सूचना तंत्र पर आधारित है। संगठन को जानकारी केवल एक स्रोत से नहीं, बल्कि कई अलग-अलग स्रोतों से मिलती है, जो एक खुफिया एजेंसी की तरह काम करते हैं। हिंदू संगठनों का तर्क-यह एक संगठित षड्यंत्र
वीएचपी के जिलाध्यक्ष राजेश आंजना इसे एक जिहादी सोच और संगठित षड्यंत्र बताते हैं। वे कहते हैं, प्यार में क्या किसी का आपत्तिजनक वीडियो बनाना जरूरी है? जब हम किसी को पकड़ते हैं, तो उसके मोबाइल में कई लड़कियों के ऐसे वीडियो मिलते हैं जिन्हें देखकर शर्म आ जाए। इसे रोकने के लिए हमारा सिस्टम काम करता है। एसपी बोले-हम कार्रवाई करते हैं, दिखाते नहीं उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा इन घटनाओं के लिए दो प्रमुख कारण बताते हैं, पहला शहर में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि (25 हजार से 5 लाख प्रतिदिन) और सोशल मीडिया का दुरुपयोग। वे हिंदू संगठनों की कार्रवाई पर कहते हैं, ऐसा नहीं है कि पुलिस का मुखबिर तंत्र कमजोर है। हम लगातार कार्रवाई करते हैं, लेकिन हम दिखाते नहीं क्योंकि हम किसी संगठन से नहीं जुड़े हैं। एक्सपर्ट बोले- कपल यदि बालिग तो कार्रवाई नहीं रिटायर्ड डीएसपी अंगद सिंह राठौर इसके दूसरे पहलू के बारे में बताते हैं। वे कहते हैं कि यदि हिंदू संगठनों ने किसी कपल को पकड़ भी लिया। लड़का मुस्लिम है और लड़की हिंदू और दोनों बालिग है तो पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। लड़की यदि ये कह दे कि उसे किसी तरह की शिकायत नहीं करना है तो फिर पुलिस कुछ नहीं कर सकती। वे कहते हैं कि यदि लड़की नाबालिग है तो फिर पुलिस को इस मामले में कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। वे इस बात की तरफ भी इशारा करते हैं कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए माता-पिता को अलर्ट रहने की जरूरत है।


