बीकानेर में 21 मार्च से नहर बंदी:इस बार 45 दिन की नहर बंदी में पहले पंद्रह दिन मिलेगा पीने का पानी, फिर 30 दिन नहीं

बीकानेर में 21 मार्च से नहर बंदी:इस बार 45 दिन की नहर बंदी में पहले पंद्रह दिन मिलेगा पीने का पानी, फिर 30 दिन नहीं

बीकानेर में 21 मार्च से शुरू हो रही नहर बंदी गर्मी में जल संकट खड़ा कर सकती है। हालांकि इसके लिए जलदाय विभाग ने अपने जलाशयों को लबालब करने की तैयारी कर ली है, इसके बाद भी तीस दिन तक एक बूंद पानी नहीं मिलने की स्थिति में बीकानेर शहर में जल संकट खड़ा हो सकता है। नहर विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले पंद्रह दिन पीने के लिए पानी दिया जाएगा लेकिन इसके बाद तीस दिन पूर्ण नहरबंदी रहेगी और इस दौरान पीने का पानी भी नहीं मिलेगा। इंदिरा गांधी नहर के मुख्य अभियंता विवेक गोयल ने बताया कि नहर बंदी 21 मार्च से शुरू होगी। इसके बाद चार अप्रैल तक पीने का पानी मिलेगा। इस दौरान सिंचाई का पानी नहीं दिया जाएगा। पांच अप्रैल से पीने का पानी भी बंद हो जाएगा। जलदाय विभाग को अपने पहले से एकत्र पानी से ही शहर में जलापूर्ति करनी होगी। नहर विभाग ने इस स्थिति से जलदाय विभाग को अगवत करा दिया है। इसके बाद से बीछवाल और शोभासर में स्थित जलाशयों को भरने की तैयारी चल रही है। पंजाब सरकार का नोटिफिकेशन जारी नहर बंदी करने के लिए पंजाब सरकार ने अपना नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नहर बंदी के दौरान पंजाब और राजस्थान में नहरों की मरम्मत का काम होगा। इस दौरान मुख्य नहर से मोघे तक सभी को दुरुस्त करने का काम किया जाएगा। दोनों राज्यों की सरकार इसके लिए विशेष बजट जारी कर चुकी है। बीकानेर में कम होगी पानी की आपूर्ति नहर बंदी के दौरान जलदाय विभाग बीकानेर में पानी की आपूर्ति का नया समय जारी करेगा। इसके लिए दो दिन में एक बार पानी की आपूर्ति हो सकती है। बीछवाल और शोभासर जलाशयों में एकत्र पानी से शहर को जलापूर्ति होती है। ऐसे में दोनों को पूर्ण क्षमता के साथ भरने के बाद भी हर रोज पानी नहीं दिया जाएगा। जलदाय विभाग ने पिछली बार भी शहर को अलग अलग हिस्सों में बांटकर “ओड-इवन” तरीके से पानी की आपूर्ति की थी। बीछवाल में 2500 मीट्रिक लीटर पानी बीकानेर के बीछवाल जलाशय में इन दिनों ढाई हजार मीट्रिक लीटर पानी एकत्र हो सकता है। शहर को 45 दिन पानी की आपूर्ति इससे हो सकती है। जलाशय में नीचे मिट्‌टी होने और पूरी तरह नहीं भर पाने के कारण और नहर बंदी बढ़ने की आशंका के बीच जलदाय विभाग हर रोज पानी एक दिन छोड़कर एक दिन देता है। इतना ही नहीं पानी आपूर्ति की मात्रा को भी कम कर देता है। जिससे लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ता है। खासकर कच्ची बस्तियों में लोग ज्यादा पानी एकत्र नहीं कर पाते हैं, ऐसे में उन्हें ज्यादा परेशानी होती है।

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