MP News: इंदौर में आइटी कंपनी के कर्मचारी को एक छोटी सी चूक ने लाखों की चपत लगा दी। इंटरनेट पर बैंक का कस्टमर केयर नंबर ढूंढना और वाट्सऐप पर आई संदिग्ध फाइल को नजरअंदाज करना भारी पड़ गया। ठगों ने बैंक ऑफ इंडिया का कर्मचारी बनकर युवक के खाते से 5 लाख रुपए पार कर दिए। द्वारकापुरी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आईटी कंपनी के कर्मचारी के साथ हुई ठगी
टीआइ मनीष मिश्रा के अनुसार, फरियादी आइटी कंपनी में कार्यरत है। बैंक से जुड़ी कुछ जानकारी के लिए गूगल पर नंबर सर्च किया। कॉल करने पर व्यक्ति ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया और कहा कि आपका ई-केवाइसी अपडेट न होने से खाता बंद हो सकता है। आरोपी ने युवक को वाट्सऐप पर एपीके फाइल भेजी।
फरियादी के वाट्सऐप पर ‘मीडिया ऑटो-डाउनलोड’ सेटिंग ऑन थी, जिससे वह फाइल डाउनलोड हो गई। फाइल रन हुई तो आरोपी ने फोन हैक कर लिया। देखते ही देखते युवक के खाते से किस्तों में 5 लाख ट्रांसफर हो गए। ठगी का अहसास होते ही युवक ने चैट डिलीट की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
खाते करवाए फ्रीज
टीआइ मनीष मिश्रा ने बताया, फरियादी की शिकायत पर तत्काल केस दर्ज कर लिया है। जिन खातों में राशि ट्रांसफर हुई है, उन्हें चिन्हित कर फ्रीज करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। जनता को लिए अलर्ट भी जारी कर दिया है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
- इंटरनेट के नंबरों पर न भरोसा करें।
- बैंक के आधिकारिक ऐप या पासबुक पर दिए नंबरों का ही उपयोग करें।
- इंटरनेट पर कोई भी अपनी जानकारी एडिट कर सकता है।
- स्टोरेज और डाटा में जाकर ‘मीडिया ऑटो डाउनलोड’ को बंद करें।
- अज्ञात ऐप एपीके इंस्टॉल न करें, यह आपके फोन का रिमोट एक्सेस हैकर्स को दे देता है। (MP News)


