41 फिल्मों की स्क्रिनिंग, हुमा कुरैशी भी हुईं शामिल:भोपाल फिल्म फेस्टिवल का आखिरी दिन, सिनेमा पर बच्चों की मास्टरक्लास; MP से 25 फिल्ममेकर

41 फिल्मों की स्क्रिनिंग, हुमा कुरैशी भी हुईं शामिल:भोपाल फिल्म फेस्टिवल का आखिरी दिन, सिनेमा पर बच्चों की मास्टरक्लास; MP से 25 फिल्ममेकर

मध्य प्रदेश में आयोजित ‘द भोपाल फिल्म फेस्टिवल’ का आज आखिरी दिन था। दो दिनों तक चले इस फेस्टिवल में कुल 41 फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। आखिरी दिन भी दर्शकों की भीड़ देखने को मिली और आयोजन स्थल हाउसफुल रहा। ओपनिंग सेशन में बच्चों के लिए मास्टर क्लास
‘द भोपाल फिल्म फेस्टिवल’ के प्रोड्यूसर शशांक राणे ने कहा कि ,’फेस्टिवल का ओपनिंग सेशन पूरी तरह हाउसफुल रहा। बच्चों के लिए डायरेक्शन पर मास्टर क्लास आयोजित की गई, जिसमें भोपाल की विभिन्न यूनिवर्सिटी के छात्र शामिल हुए। इस तरह का मंच पहली बार युवा प्रतिभाओं को मिला, जहां वे फिल्म निर्माण की बारीकियां समझ सके।’ 25 फिल्में मध्य प्रदेश के युवा फिल्मकारों की
इस फेस्टिवल की खास बात यह रही कि 41 में से 25 फिल्में मध्य प्रदेश के युवा फिल्मकारों ने बनाई थीं। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देना था, जो सफल होता नजर आया। दर्शकों ने फिल्मों की सराहना की और फिल्मकारों से खुलकर बातचीत भी की। फिल्म पॉलिसी और सिंगल विंडो पर चर्चा
फेस्टिवल में अचिन जैन, यशोवर्धन मिश्रा और अशोक मिश्रा भी मौजूद रहे। उनसें मध्य प्रदेश की फिल्म पॉलिसी और ‘मध्य प्रदेश की वॉयसेस’ विषय पर चर्चा हुई। बातचीत में बताया गया कि सरकार की सिंगल विंडो पॉलिसी से फिल्म प्रोजेक्ट्स को किस तरह फायदा मिल रहा है। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में टैलेंट की भरमार है, लेकिन सही प्लेटफॉर्म नहीं मिल पाता था। यही मंच अब भोपाल फिल्म फेस्टिवल दे रहा है। अलग-अलग कैटेगरी में दिखीं फिल्में
फेस्टिवल में फिक्शन, नॉन-फिक्शन, डॉक्यूमेंट्री और एनीमेशन फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। प्रतियोगिता के लिए जनरल फिक्शन, जनरल नॉन-फिक्शन, विमेंस वॉयसेस और हार्ट ऑफ इंडिया जैसी चार कैटेगरी बनाई गई थीं। इनमें से दो श्रेणियां खास तौर पर मध्य प्रदेश के फिल्मकारों के लिए रखी गई थीं। हुमा कुरैशी रहीं खास आकर्षण
फेस्टिवल के दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने भी शिरकत की। उन्होंने दर्शकों और युवा फिल्मकारों से बातचीत की और उनके काम की सराहना की। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। मनोज वाजपाई के फिल्म के साथ हुआ समापन
आखिरी दिन 20 और फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही मध्य प्रदेश की फिल्म पॉलिसी पर एक विशेष सत्र आयोजित हुआ। फेस्टिवल की क्लोजिंग सेरेमनी फिल्म जुगनूमा के साथ हुई, जिसमें अभिनेता मनोज वाजपेयी जुड़े हैं। शाम को म्यूजिकल परफॉर्मेंस के साथ कार्यक्रम का भव्य समापन किया गया। चारों कैटेगरी के विजेता घोषित
‘द भोपाल फिल्म फेस्टिवल’ के विजेताओं की घोषणा कर दी गई है। जनरल फिक्शन श्रेणी में कैलाश टॉकीज के लिए अर्पित नाग, फूल देई के लिए कार्तिक महाजन और यादों का पता के लिए कहकशां फातिमा और परवीन कुमार यादव को विजेता चुना गया। वहीं वीमेंस वॉइसेज श्रेणी में म्याऊ के लिए प्राची ठाकुर और गुंजन नरूला, मल्टीलिंगुअल के लिए दिलग्रेस कौर तथा द अदर फील्ड के लिए निधि नर्नवरे को सम्मान मिला। जनरल नॉन फिक्शन श्रेणी में ऑफ फॉरेस्ट्स एंड फुटप्रिंट्स के लिए श्रेया समवत्सर, नए किसान नई सीख के लिए प्रदीप लेकवार और संदीप भाटी तथा शी बिगिन्स टू लीड के लिए रोशनी चौहान को विजेता घोषित किया गया। इसके अलावा हार्ट ऑफ इंडिया श्रेणी में मन की उड़ान किस्सो की दुकान के लिए वर्षा रंसोरे, कॉल ऑफ द नाइट के लिए जुनैद अलावी और तहनलेली हाक के लिए अपूर्व गौतम को सम्मान मिला। सूची में रनर अप और पुरस्कार राशि की जानकारी नहीं दी गई है। यह खबर भी पढ़ें: 100 घंटे का दिव्यांग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का शुरू
नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में शुक्रवार सुबह ‘राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव 2026 – नॉट आउट @100’ का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस आयोजन को क्रिकेट के क्षेत्र में एक अभिनव पहल बताया। पूरी खबर पढ़ें…

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