NASA के Artemis-2 Moon Mission को लगा बड़ा झटका, रॉकेट में आई खराबी के कारण लॉन्च टला

NASA के Artemis-2 Moon Mission को लगा बड़ा झटका, रॉकेट में आई खराबी के कारण लॉन्च टला
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के प्रमुख जैरेड आइजैकमैन ने साफ कर दिया है कि आर्टेमिस-2 मिशन का मार्च में प्रस्तावित प्रक्षेपण अब संभव नहीं है।
बता दें कि यह मिशन 50 से अधिक वर्षों बाद चंद्रमा की मानवयुक्त परिक्रमा का ऐतिहासिक प्रयास है। मौजूद जानकारी के अनुसार स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट में हीलियम प्रवाह से जुड़ी तकनीकी समस्या पाई गई है, जिसके कारण मार्च की लॉन्च विंडो को फिलहाल रद्द कर दिया गया।
आइजैकमैन ने कहा कि लोगों की निराशा स्वाभाविक है, लेकिन सबसे अधिक निराशा नासा की उस टीम को है जो लंबे समय से इस अभियान की तैयारी में जुटी हुई है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1960 के दशक में जब नासा ने असंभव को संभव कर दिखाया था, तब भी कई बाधाएं आई थीं।
गौरतलब है कि विशाल स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट और ओरियन यान को फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर के वाहन असेंबली भवन में वापस ले जाया जाएगा, जहां समस्या की विस्तृत जांच और जरूरी मरम्मत की जाएगी। आने वाले दिनों में व्यापक ब्रीफिंग की उम्मीद है।
आर्टेमिस-2 मिशन लगभग 10 दिन का प्रस्तावित है, जिसमें तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे। यह मिशन इंसानों को दोबारा चंद्र सतह पर भेजने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यह लक्ष्य पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान घोषित किया गया था।
मौजूद जानकारी के अनुसार नासा ने पहले 6 मार्च को संभावित प्रक्षेपण तिथि बताया था। हालांकि कार्यक्रम को पहले भी कई बार टालना पड़ा है। आर्टेमिस-1 का मानवरहित परीक्षण उड़ान नवंबर 2022 में कई स्थगनों के बाद सफलतापूर्वक पूरी हुई थी।
हाल ही में फरवरी की शुरुआत में तरल हाइड्रोजन रिसाव जैसी तकनीकी समस्याओं ने रिहर्सल प्रक्रिया को प्रभावित किया था। हालांकि इस सप्ताह वास्तविक प्रक्षेपण जैसी परिस्थितियों में की गई रिहर्सल सफलतापूर्वक पूरी की गई है।
दूसरी ओर, चीन भी 2030 तक मानवयुक्त चंद्र मिशन की तैयारी में जुटा है। उसका चांग-ई 7 मानवरहित मिशन 2026 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की खोज के लिए प्रस्तावित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चंद्र अभियानों से भविष्य में मंगल ग्रह पर मानव मिशन की तैयारी को गति मिलेगी। फिलहाल नासा तकनीकी दिक्कतों को दूर कर सुरक्षित और सफल प्रक्षेपण सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है।

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