सीवान में 6 अवैध अस्पताल और जांच केंद्र सील:बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे थे संस्थान, गंभीर अनियमितताएं उजागर, प्रशासन की कार्रवाई जारी

सीवान में 6 अवैध अस्पताल और जांच केंद्र सील:बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे थे संस्थान, गंभीर अनियमितताएं उजागर, प्रशासन की कार्रवाई जारी

सीवान के मैरवा थाना क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों और जांच केंद्रों पर रविवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। जिला पदाधिकारी के आदेश के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी करते हुए छह संस्थानों को सील कर दिया। सील किए गए संस्थानों में साई हॉस्पिटल, माँ मंजू हॉस्पिटल, जीवन ज्योति हॉस्पिटल, मां शारदा हॉस्पिटल, बिहार जांच घर एवं श्री राधे डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल हैं। प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इन सभी प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि ये संस्थान बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे थे। द क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2010 की धारा 11, 37 और 38 का स्पष्ट उल्लंघन किया गया था। इसके अलावा बिहार क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स, 2013 के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा था। अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन जैसी गंभीर कमियां भी उजागर
जांच टीम ने यह भी पाया कि क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स, 2012 एवं 2018 के संशोधित नियमों के तहत निर्धारित न्यूनतम सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं। कई जगहों पर अयोग्य कर्मियों द्वारा मरीजों का उपचार किया जा रहा था। आवश्यक जीवन रक्षक उपकरणों का अभाव, बायो-मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन की कुव्यवस्था तथा अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन जैसी गंभीर कमियां भी उजागर हुईं। एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने बताया कि प्रशासन को सूचना मिली थी कि मैरवा में अवैध तरीके से नर्सिंग होम और जांच घर संचालित किए जा रहे हैं। जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये के निर्देश पर गठित जांच टीम ने स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कुछ संस्थान अवैध पाए गए। रिपोर्ट के आधार पर रविवार को सभी संबंधित अस्पतालों और जांच केंद्रों को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित संचालकों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में उपचार कराने से पूर्व उसके वैध पंजीकरण और सुविधाओं की जांच अवश्य कर लें। प्रशासन ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। सीवान के मैरवा थाना क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों और जांच केंद्रों पर रविवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। जिला पदाधिकारी के आदेश के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी करते हुए छह संस्थानों को सील कर दिया। सील किए गए संस्थानों में साई हॉस्पिटल, माँ मंजू हॉस्पिटल, जीवन ज्योति हॉस्पिटल, मां शारदा हॉस्पिटल, बिहार जांच घर एवं श्री राधे डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल हैं। प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इन सभी प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि ये संस्थान बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे थे। द क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2010 की धारा 11, 37 और 38 का स्पष्ट उल्लंघन किया गया था। इसके अलावा बिहार क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स, 2013 के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा था। अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन जैसी गंभीर कमियां भी उजागर
जांच टीम ने यह भी पाया कि क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स, 2012 एवं 2018 के संशोधित नियमों के तहत निर्धारित न्यूनतम सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं। कई जगहों पर अयोग्य कर्मियों द्वारा मरीजों का उपचार किया जा रहा था। आवश्यक जीवन रक्षक उपकरणों का अभाव, बायो-मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन की कुव्यवस्था तथा अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन जैसी गंभीर कमियां भी उजागर हुईं। एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने बताया कि प्रशासन को सूचना मिली थी कि मैरवा में अवैध तरीके से नर्सिंग होम और जांच घर संचालित किए जा रहे हैं। जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये के निर्देश पर गठित जांच टीम ने स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कुछ संस्थान अवैध पाए गए। रिपोर्ट के आधार पर रविवार को सभी संबंधित अस्पतालों और जांच केंद्रों को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित संचालकों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में उपचार कराने से पूर्व उसके वैध पंजीकरण और सुविधाओं की जांच अवश्य कर लें। प्रशासन ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।  

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