औरंगाबाद के रामपुर गांव में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत ‘बिहार वाटरशेड महोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुटुंबा के विधायक ललन राम ने दीप प्रज्वलित कर किया। आयोजन में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। महोत्सव के दौरान प्रभात फेरी, जल कलश यात्रा, भूमि पूजन, श्रमदान, विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण, पेंटिंग प्रतियोगिता, प्रगतिशील कृषकों और जल छाजन समिति सचिवों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। जल एवं मृदा संरक्षण के महत्व, जल छाजन योजना के तहत किए गए कार्यों और जनभागीदारी की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। करीब 250 ग्रामीणों ने इसमें भाग लिया और जल एवं भूमि संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए ‘जल-शपथ’ ली। सामूहिक सहभागिता का संदेश विधायक ललन राम ने कुल 63.19 लाख रुपए की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पर्यावरण संतुलन और समस्त जीव जगत के अस्तित्व के लिए जल का संरक्षण अनिवार्य है। केंद्र और बिहार सरकार प्रखंड-पंचायत स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। महोत्सव के माध्यम से ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया, जिससे क्षेत्र में सतत विकास की दिशा में सकारात्मक पहल मानी जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने पर जोर वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने बताया कि किसानों के हित में जल छाजन योजना के तहत जिले के चयनित पंचायत में कार्य कराया जा रहा है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने को लेकर लगातार कार्य कर रही है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने, समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद बीज मुहैया कराने, कृषि के क्षेत्र में यांत्रिकीकरण को बढ़ावा देने समेत अन्य कार्य किया जा रहे हैं। जल और मिट्टी दोनों जीवन के आधार हैं। इनके संरक्षण एवं समुचित प्रबंधन से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। दक्षिणी औरंगाबाद के लिए यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा, क्योंकि यहां जल संरक्षण की विशेष आवश्यकता है। ग्रामीण और अधिकारी मौजूद रहे कार्यक्रम में मुखिया इंद्रजीत कुमार,रविन्द्र यादव, पैक्स अध्यक्ष बसंत सिंह, उपसरपंच संजीव कुमार सिंह, उच्च एवं मध्य विद्यालय बरंडा रामपुर के प्रधानाध्यापक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजदू रहे। विभागीय अधिकारियों में उप निदेशक, कृषि अभियंत्रण सोनू कुमार,सहायक निदेशक, भूमि संरक्षण राकेश रंजन, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सुभम स्वाति, क्षितिज नारायण झा सहित तकनीकी विशेषज्ञ, जल छाजन विकास दल एवं समिति सचिव तथा जिला कार्यालय के कर्मी मौजूद रहे। औरंगाबाद के रामपुर गांव में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत ‘बिहार वाटरशेड महोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुटुंबा के विधायक ललन राम ने दीप प्रज्वलित कर किया। आयोजन में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। महोत्सव के दौरान प्रभात फेरी, जल कलश यात्रा, भूमि पूजन, श्रमदान, विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण, पेंटिंग प्रतियोगिता, प्रगतिशील कृषकों और जल छाजन समिति सचिवों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। जल एवं मृदा संरक्षण के महत्व, जल छाजन योजना के तहत किए गए कार्यों और जनभागीदारी की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। करीब 250 ग्रामीणों ने इसमें भाग लिया और जल एवं भूमि संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए ‘जल-शपथ’ ली। सामूहिक सहभागिता का संदेश विधायक ललन राम ने कुल 63.19 लाख रुपए की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पर्यावरण संतुलन और समस्त जीव जगत के अस्तित्व के लिए जल का संरक्षण अनिवार्य है। केंद्र और बिहार सरकार प्रखंड-पंचायत स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। महोत्सव के माध्यम से ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया, जिससे क्षेत्र में सतत विकास की दिशा में सकारात्मक पहल मानी जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने पर जोर वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने बताया कि किसानों के हित में जल छाजन योजना के तहत जिले के चयनित पंचायत में कार्य कराया जा रहा है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने को लेकर लगातार कार्य कर रही है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने, समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद बीज मुहैया कराने, कृषि के क्षेत्र में यांत्रिकीकरण को बढ़ावा देने समेत अन्य कार्य किया जा रहे हैं। जल और मिट्टी दोनों जीवन के आधार हैं। इनके संरक्षण एवं समुचित प्रबंधन से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। दक्षिणी औरंगाबाद के लिए यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा, क्योंकि यहां जल संरक्षण की विशेष आवश्यकता है। ग्रामीण और अधिकारी मौजूद रहे कार्यक्रम में मुखिया इंद्रजीत कुमार,रविन्द्र यादव, पैक्स अध्यक्ष बसंत सिंह, उपसरपंच संजीव कुमार सिंह, उच्च एवं मध्य विद्यालय बरंडा रामपुर के प्रधानाध्यापक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजदू रहे। विभागीय अधिकारियों में उप निदेशक, कृषि अभियंत्रण सोनू कुमार,सहायक निदेशक, भूमि संरक्षण राकेश रंजन, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सुभम स्वाति, क्षितिज नारायण झा सहित तकनीकी विशेषज्ञ, जल छाजन विकास दल एवं समिति सचिव तथा जिला कार्यालय के कर्मी मौजूद रहे।


