Khatu Shyam Mela 2026 : खाटू श्याम मेला : 27 फरवरी को उमड़ेगी सबसे बड़ी भीड़, जानें नए नियम और जरूरी गाइड

Khatu Shyam Mela 2026 : खाटू श्याम मेला : 27 फरवरी को उमड़ेगी सबसे बड़ी भीड़, जानें नए नियम और जरूरी गाइड

Khatu Mela 2026 : सीकर, राजस्थान: अगर आप भी हारे के सहारे बाबा श्याम के दर्शनों की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूधाम (Khatu Shyam Mela) में वार्षिक फाल्गुन लक्खी मेला 2026 की शुरुआत 21 फरवरी से हो चुकी है, जो 28 फरवरी तक पूरे जोर-शोर से चलेगा। इस बार बाबा का दरबार न केवल भव्य सजावट से महक रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने नियमों में बड़े बदलाव किए हैं।

Khatu Shyam Mela : बंगाल के कारीगरों ने सजाया स्वर्ग, दिखेगा ऐरावत और डमरू

इस साल मंदिर की सजावट के लिए पश्चिम बंगाल से 120 विशेषज्ञ कारीगरों को बुलाया गया है। मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण-राधा की रासलीला के साथ-साथ काली माता और बालाजी महाराज की मनमोहक झांकियां बनाई गई हैं। आकर्षण का मुख्य केंद्र भगवान शिव का विशाल डमरू और ऐरावत हाथी की विशाल प्रतिकृति है, जिसे देखने के लिए भक्त काफी उत्साहित हैं।

VIP कल्चर पर लगा ब्रेक, सबके लिए एक ही कतार

मेले में भीड़ को देखते हुए मंदिर कमेटी और प्रशासन ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब VIP दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे। चाहे कोई बड़ा अधिकारी हो या नेता, सबको आम भक्तों की तरह ही लाइन में लगना होगा।

14 लाइनों का सिस्टम: भीड़ को बांटने के लिए 14 अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं।

23 किलोमीटर का सफर: सुरक्षा घेरों और कतारों के चलते भक्तों को मुख्य मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग 23 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ सकती है।

टेक्नोलॉजी का तड़का: QR कोड से मिलेगी पार्किंग

बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पार्किंग के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए प्रशासन ने QR कोड आधारित पार्किंग सिस्टम लॉन्च किया है। गाड़ियों के लिए रंगीन पर्चियां दी जा रही हैं, जिन पर दिए गए QR कोड को स्कैन करते ही गूगल मैप आपको आपकी पार्किंग लोकेशन तक पहुंचा देगा।

काम की बात: क्या है नया और खास?

विशेष ट्रेनें और बसें: रेलवे ने भक्तों की सुविधा के लिए 16 स्पेशल ट्रेनें (जैसे रेवाड़ी-रींगस, कुरुक्षेत्र-फुलेरा) चलाने का ऐलान किया है। साथ ही रोडवेज ने अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू किया है।

डीजे और इत्र पर पाबंदी: प्रशासन ने मेले के दौरान कस्बे में डीजे (DJ) बजाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके अलावा, सुरक्षा कारणों से मंदिर में इत्र और कांटेदार गुलाब के फूल ले जाने की भी अनुमति नहीं है।

सुरक्षा का अभेद्य किला: मेले की निगरानी के लिए 5000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी, ड्रोन कैमरे और 400 से अधिक CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सावधानी जरूरी: हाल ही में रींगस रोड पर एक हादसे में एक श्रद्धालु की जान चली गई, इसलिए प्रशासन ने नो व्हीकल जोन में सख़्ती बढ़ा दी है। भक्तों से अपील की गई है कि वे निर्धारित पैदल रास्तों का ही उपयोग करें।

महत्वपूर्ण तिथि: इस मेले का सबसे मुख्य दिन 27 फरवरी (फाल्गुन शुक्ल एकादशी) होगा, जिस दिन सबसे ज्यादा भीड़ रहने की संभावना है।

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