सीधी जिले के ग्रामीण अंचलों में हाथियों की मौजूदगी के कारण प्रशासन और वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनज़र महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रविवार को हाथियों की गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद, 25 गांवों में अगले दो दिनों के लिए एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद करने का निर्णय लिया गया है। यह कदम किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। वन विभाग के एसडीओ बादशाह रावत ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। लगभग 35 कर्मचारियों की एक टीम प्रभावित और आसपास के क्षेत्रों में तैनात है, जो स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने, घरों की बिजली स्वेच्छा से बंद रखने और रात्रि में केवल मोमबत्ती या सुरक्षित वैकल्पिक प्रकाश का उपयोग करने की अपील की है, ताकि हाथियों को आकर्षित करने वाली तेज़ रोशनी से बचा जा सके। वन रक्षक पंकज मिश्रा ने अकोरी, भोलगढ़, ठाकुरदेवा, बेलदह, करणपुर, नौगवा, मिर्चवार, चूल्ही, बारिगवां, बढ़ौरा, पुरुषोत्तमगढ़, झगरहा, हनुमानगढ़, चौहानी, धनिगवां, नौसा, दुधमनिया, सेमरिया, कुबरी, कठौतहा, दुअरा, पावा और सर्रा सहित कई गांवों में हाथियों की संभावित आवाजाही के बारे में सूचना दी है। उन्होंने ग्रामीणों से पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखने और आपसी समन्वय के साथ जानकारी साझा करने का आग्रह किया है, क्योंकि परिस्थितियों के अनुसार किसी भी समय बिजली बंद की जा सकती है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है। हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में तेज़ रोशनी, शोर-शराबा और अनावश्यक भीड़ से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही, यदि किसी भी स्थान पर हाथी दिखाई दें, तो तत्काल वन विभाग को सूचित करने की अपील की गई है।


