भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड में आज दोपहर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी पहुंचे। उन्होंने यहां निर्माणाधीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट का स्थल निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। उनका यह दौरा राज्य में औद्योगिक निवेश और विकास परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदाणी समूह पीरपैंती में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2400 मेगावाट क्षमता का थर्मल पावर प्लांट बना रहा है। यह परियोजना पीरपैंती प्रखंड के सिरमतपुर और आसपास के करीब 479 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। बता दें कि इससे करीब 12 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। परियोजना के निर्माण और संचालन में तेजी आएगी इस परियोजना स्थल की भौगोलिक स्थिति लॉजिस्टिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके उत्तर में गंगा नदी, दक्षिण में राष्ट्रीय राजमार्ग और पास में रेलवे स्टेशन होने से परिवहन और संसाधनों की उपलब्धता आसान होगी। इससे परियोजना के निर्माण और संचालन में तेजी आएगी। परियोजना के निर्माण चरण में लगभग 10 से 12 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। प्लांट के चालू होने के बाद करीब 3000 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा। भूमि समतलीकरण का काम तेजी से चल रहा फिलहाल, परियोजना स्थल पर चहारदीवारी निर्माण और भूमि समतलीकरण का काम तेजी से चल रहा है। कंपनी ने इस मेगा प्रोजेक्ट को अगले पांच साल के अंदर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। गौतम अदाणी ने इस अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार की बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ क्षेत्र में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अदाणी के इस दौरे से राज्य में निवेश और विकास को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड में आज दोपहर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी पहुंचे। उन्होंने यहां निर्माणाधीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट का स्थल निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। उनका यह दौरा राज्य में औद्योगिक निवेश और विकास परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदाणी समूह पीरपैंती में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2400 मेगावाट क्षमता का थर्मल पावर प्लांट बना रहा है। यह परियोजना पीरपैंती प्रखंड के सिरमतपुर और आसपास के करीब 479 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। बता दें कि इससे करीब 12 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। परियोजना के निर्माण और संचालन में तेजी आएगी इस परियोजना स्थल की भौगोलिक स्थिति लॉजिस्टिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके उत्तर में गंगा नदी, दक्षिण में राष्ट्रीय राजमार्ग और पास में रेलवे स्टेशन होने से परिवहन और संसाधनों की उपलब्धता आसान होगी। इससे परियोजना के निर्माण और संचालन में तेजी आएगी। परियोजना के निर्माण चरण में लगभग 10 से 12 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। प्लांट के चालू होने के बाद करीब 3000 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा। भूमि समतलीकरण का काम तेजी से चल रहा फिलहाल, परियोजना स्थल पर चहारदीवारी निर्माण और भूमि समतलीकरण का काम तेजी से चल रहा है। कंपनी ने इस मेगा प्रोजेक्ट को अगले पांच साल के अंदर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। गौतम अदाणी ने इस अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार की बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ क्षेत्र में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अदाणी के इस दौरे से राज्य में निवेश और विकास को लेकर सकारात्मक संदेश गया है।


