भिंड जिले में सिंध नदी के घाटों पर रविवार को प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा के निर्देश पर माइनिंग, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मेहदा, खैरा और श्यामपुरा घाटों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान खैरा गांव के पास एक पनडुब्बी (सक्शन पंप) को जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि दो अन्य पनडुब्बियों को माफिया पानी में डुबोकर भागने में सफल रहे। संयुक्त टीम ने खैरा, श्यामपुरा, मेहदा, रमजा, महावर और इंदुरखी घाटों का निरीक्षण किया। खैरा घाट पर टीम को देखते ही अवैध उत्खनन कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया। यहां एक पनडुब्बी को नष्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। मौके पर पुलिस बल तैनात कर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर विभागीय मिलीभगत के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
एनजीटी के नियमों की उड़ रही धज्जियां कार्रवाई में सामने आया कि नदी की बीच धारा से पनडुब्बियों के जरिए गहराई तक रेत निकाली जा रही थी, जो एनजीटी (NGT) के नियमों का उल्लंघन है। इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह और जलीय पारिस्थितिकी पर बुरा असर पड़ रहा है। अनियंत्रित खुदाई से नदी के तल में गहरे गड्ढे बन रहे हैं, जो जलस्तर और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा हैं।
हाईवे-552 पर कतार से खतरा एक तरफ नदी में अवैध उत्खनन चल रहा है, तो दूसरी तरफ मेहदा-रौन मार्ग पर नेशनल हाईवे 552 स्थित रॉयल्टी नाके के पास रेत से भरे डंपर और ट्रकों की लंबी कतारें लग रही हैं। दो लेन के इस हाईवे पर भारी वाहनों के खड़े रहने से यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से हाईवे को अवरोध मुक्त कराने की मांग की है।


