देलवाड़ा. ग्राम पंचायत कालीवास के कमली का गुड़ा स्थित छापरा भील बस्ती में पिछले एक वर्ष से अधिक समय से जल संकट गहराता जा रहा है। आदिवासी समुदाय की इस बस्ती में मूलभूत सुविधाएं पहले ही सीमित हैं, वहीं पेयजल समस्या ने ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। बस्तीवासियों के अनुसार जलदाय विभाग द्वारा जल जीवन मिशन योजना के तहत घर-घर नल कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन आज तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। घरों में लगे नल अब लोगों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि अधूरी व्यवस्था का प्रतीक बनकर रह गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पानी की टंकी उनके घरों से करीब एक किलोमीटर दूर बनाई गई है तथा पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है, फिर भी जल आपूर्ति चालू नहीं हो पाई है। क्षेत्र में सरकारी स्तर पर न तो कोई हैंडपंप उपलब्ध है और न ही पनघट योजना की सुविधा, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण महिलाओं को प्रतिदिन बस्ती से दूर स्थित कुओं से पानी लाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुरुष मजदूरी के लिए बाहर चले जाते हैं, जिससे घर और पानी की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं पर आ जाती है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और विकराल रूप ले लेती है। जल संकट से परेशान ग्रामीणों ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई है। बस्ती के राधेलाल, चुन्ना सहित महिलाओं ने तहसील कार्यालय पहुंचकर लिखित ज्ञापन भी सौंपा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द जल आपूर्ति बहाल करने तथा समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।


