कानपुर। शादी का माहौल, रोशनी से सजी बारात और डीजे के पास जाकर की गई मासूम सी फरमाइश—“डीजे वाले बाबू, एक गाना और बजा दो”—अब सीधे पुलिस केस में बदल सकती है। शहर में शोर-शराबे पर पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा है कि रात 10 बजे के बाद डीजे की एक भी धुन गूंजी तो खुशियों की जगह पुलिस से मुलाकात होगी और नियम तोड़ने वाले गेस्ट हाउस व डीजे संचालक पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
न चेतावनी मिलेगी, न समझाइश –
अपर पुलिस आयुक्त लॉ एण्ड ऑर्डर विपिन ताडा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शहर में अब ध्वनि प्रदूषण को लेकर किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। तय समय सीमा के बाद यदि डीजे या साउंड सिस्टम बजता पाया गया तो बिना चेतावनी सीधे मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब न समझाइश होगी और न ही रियायत। आम नागरिकों को शोर-शराबे से राहत दिलाने के लिए पुलिस ने आसान रास्ता भी बताया है। यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन हो, तो लोग तुरंत डायल 112 पर सूचना दें। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई करेगी और नियम तोड़ने वालों पर कानूनी शिकंजा कसेगी।
24 घंटे में दिखा असर दर्ज हुए मुकदमे –
अपर पुलिस आयुक्त लॉ एण्ड ऑर्डर की इस सख्ती का असर भी दिखने लगा है। बीते दिनों बिठूर, सचेंडी, रावतपुर, गुजैनी, काकादेव और चकेरी थाना क्षेत्रों में सात गेस्ट हाउस और दो अन्य आयोजनों पर तेज आवाज में संगीत बजाने के मामले में केस दर्ज किए गए। इसके अलावा बर्रा, फजलगंज और नवागंज में भी आठ और मुकदमे लिखे गए। कई संचालक तब चौंके, जब “बस एक गाना” की कीमत कानूनी कार्रवाई के रूप में सामने आई।
नियमों के दायरे में ही रहे –
अपर पुलिस आयुक्त लॉ एण्ड ऑर्डर विपिन ताडा ने बताया कि दरअसल, शहर में इन दिनों सीबीएसई और यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। छात्र-छात्राएं दिन-रात पढ़ाई में जुटे हैं, लेकिन देर रात तक बजते डीजे और लाउड म्यूजिक से उनकी एकाग्रता टूट रही थी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। फिर भी लोग नियमों को तोड़ रहे हैं। इस लिए शादी हो या जश्न, नियमों के दायरे में ही रहें।


