टोंक/जयपुर। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने स्पष्ट कर दिया है कि संगठन में केवल सक्रिय और संघर्षशील चेहरों को ही जगह मिलेगी। इसी कड़ी में टोंक जिला इकाई में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया गया है। टोंक NSUI के जिलाध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा की है, जिसमें उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिवों की लंबी फौज तैयार की गई है।
टोंक में ‘हनुमान बेनीवाल’ के नाम की चर्चा
इस पूरी खबर में सबसे दिलचस्प पहलू टोंक NSUI के जिलाध्यक्ष का नाम है। टोंक में संगठन की कमान हनुमान बेनीवाल के हाथों में है। यह नाम राजस्थान की राजनीति के दिग्गज नेता और आरएलपी (RLP) सांसद हनुमान बेनीवाल से मिलता-जुलता है, जिसके कारण सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर यह नाम खूब सुर्खियां बटोर रहा है। हालांकि, ये टोंक के स्थानीय छात्र नेता हैं, लेकिन उनके नाम की समानता चर्चा का विषय बनी हुई है।
नई टीम में युवाओं को तरजीह: ब्लॉक स्तर तक बदलाव
विनोद जाखड़ के ‘मिशन राजस्थान’ के तहत टोंक की नई कमेटी में हर वर्ग और क्षेत्र को साधने की कोशिश की गई है:
- उपाध्यक्ष और महासचिव: संगठन ने कई सक्रिय छात्र नेताओं को उपाध्यक्ष और महासचिव के पदों पर जिम्मेदारी सौंपी है।
- तीन नए ब्लॉक अध्यक्ष: टोंक जिले के तीन महत्वपूर्ण ब्लॉकों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है, ताकि जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ मजबूत हो सके।
- सचिव स्तर पर नियुक्तियां: जिला सचिवों की सूची में भी नए और ऊर्जावान चेहरों को शामिल किया गया है।
टोंक जिलाध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने जारी की है ये सूची



‘पायलट’ के गढ़ में जाखड़ की सक्रियता
टोंक जिला सचिन पायलट का निर्वाचन क्षेत्र है। ऐसे में विनोद जाखड़ द्वारा टोंक से अपने संगठनात्मक सुधारों की शुरुआत करना कई मायने में अहम है। विनोद जाखड़ को पायलट का बेहद करीबी माना जाता है, और टोंक में NSUI को मजबूत करना सीधे तौर पर आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस की युवा विंग को तैयार करना है।
राजस्थान में NSUI का नया ‘रोडमैप’
विनोद जाखड़ ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में राजस्थान के अन्य जिलों जैसे जयपुर, जोधपुर, और सीकर में भी जिला कमेटियों की समीक्षा की जाएगी।
- लक्ष्य 2028: जाखड़ का मुख्य लक्ष्य छात्र संघ चुनाव (यदि बहाल होते हैं) और 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए एक मजबूत कैडर तैयार करना है।
- छात्रों के मुद्दे: पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रवृत्ति जैसे मुद्दों पर जाखड़ ने जिला इकाइयों को आक्रामक रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं।


