झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिहारीपुरा मोहल्ले में बड़े भाई तारिक बेग (40) की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एमबीए पास तारिक की हत्या उसके छोटे भाई मशारिक ने पूरी योजना के साथ की, लेकिन वह वारदात को छिपाने में सफल नहीं हो सका। हत्या के बाद मशारिक ने शव को कार में रखकर जंगल या नदी में ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। लेकिन घर के बाहर सड़क निर्माण का मलबा फैला होने से कार नहीं निकल सकी और उसका प्लान फेल हो गया। इसके बाद उसने घर के अंदर ही गैंती-फावड़े से करीब पांच घंटे तक गड्ढा खोदकर शव दफन कर दिया। बाजार से नमक लाकर कब्र में पहले नीचे, फिर ऊपर नमक की परत डाली और ऊपर से मिट्टी भरकर सीमेंटेड ईंटें लगा दीं। वहां कूलर रख दिया। दो तस्वीरों में देखें घटनाक्रम भाई को न्यूड कर दफनाया
शव को जल्दी गलाने की मंशा से आरोपी ने मृतक के कपड़े उतारकर उसे न्यूड दफनाया। उसने शव को मुंह के बल और सिर को ज्यादा गहराई की ओर रखकर दबाया, ताकि पहचान मिट सके। चेहरे की तरफ अधिक नमक डाला गया। आरोपी ने सिर को धड़ से अलग करने की भी कोशिश की और चाकू से गले पर करीब तीन इंच गहरा वार किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। जंगल में जलाए कपड़े और मोबाइल हत्या के बाद मशारिक खून से सने कपड़े और मोबाइल लेकर निर्मला कॉन्वेंट स्कूल के सामने से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सुनसान सड़क पर पहुंचा। वहां उसने कपड़े और मोबाइल जला दिए। यह स्थान नैनागढ़ पुलिस चौकी से करीब 200 मीटर दूर बताया गया है। शुक्रवार को पुलिस जब उसे मौके पर लेकर पहुंची तो केवल राख मिली। नाले में फेंके हथियार कपड़े जलाने के बाद आरोपी केंद्रीय विद्यालय झांसी से सीपरी बाजार जाने वाले मार्ग पर रेलवे डिस्पेंसरी के पास बड़े नाले में कुल्हाड़ी, चाकू, गैंती और फावड़ा फेंक आया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर सभी हथियार बरामद कर लिए। सबूत मिटाकर जी रहा था सामान्य जीवन वारदात को अंजाम देने और सबूत मिटाने के बाद मशारिक सामान्य दिनचर्या जी रहा था। वह नियमित ड्यूटी पर जा रहा था। गिरफ्तारी वाले दिन भी वह ड्यूटी गया और हाफ टाइम में घर लौट आया। बाद में मां शगुफ्ता बेगम और मामा मोहम्मद सलीम के साथ भाई की तलाश का नाटक भी करता रहा। ऐसे गहराया शक मामा मोहम्मद सलीम ने बताया कि जब उन्होंने मोहल्ले के सीसीटीवी खंगालने शुरू किए तो मशारिक की पत्नी मुस्कान, उसका भाई तालिब और सास घर में ताला डालकर फरार हो गए। इससे शक और गहरा गया। थाने में गुमशुदगी की तहरीर देते समय भी मशारिक ने अपना नाम न लिखने की बात कही, जिससे मामा का शक यकीन में बदल गया। बाद में पुलिस पूछताछ में उसने हत्या कबूल कर ली। जेल भेजा गया आरोपी
शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और देर शाम सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक तुलसीराम पांडेय ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर शव और हथियार बरामद कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना जारी है।


